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Covid-19: दुनियाभर में मुश्किलें बढ़ा रहा है JN.1 वैरिएंट, संक्रामक रोग विशेषज्ञ ने किया 'डराने वाला दावा'

Fri, 29 Dec 2023 11:49 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 29 Dec 2023 11:49 AM IST
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Covid-19 JN.1 Variant News highlights new corona variant risk in hindi
कोरोना का वैश्विक खतरा - फोटो : iStock

कोरोना एक बार फिर से वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ता देखा जा रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि वायरस में लगातार म्यूटेशन जारी है, इसी से उपजा ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट JN.1 दुनियाभर में एक बार फिर से इस संक्रामक रोग के खतरे को बढ़ा रहा है। प्रारंभिक शोध में पाया गया है कि वैसे तो JN.1 वैरिएंट गंभीर रोगकारक नहीं है पर इसके कारण किसी आबादी में तेजी से संक्रमण के प्रसार का जोखिम जरूर अधिक हो सकता है क्योंकि ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट की तरह ये भी आसानी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को चकमा देकर संक्रमण को बढ़ा सकता है।



हालिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि चीन, सिंगापुर, अमेरिका सहित कई देशों में JN.1 की पुष्टि हो चुकी है। कुछ देशों में इस नए वैरिएंट के प्रसार की गति काफी तेज है जोकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने JN.1 की प्रकृति को देखते हुए इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में वर्गीकृत किया है।



आइए जानते हैं कि दुनियाभर में कोरोना से कैसे हालात हैं?

Covid-19 JN.1 Variant News highlights new corona variant risk in hindi
बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले - फोटो : Pixabay

अमेरिका में 44 फीसदी मामलों के लिए JN.1 जिम्मेदार

मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि JN.1 सब-वैरिएंट के कारण अमेरिका में संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा जारी आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर के मध्य तक यह वैरिएंट देशभर में 44% कोविड मामलों के लिए जिम्मेदार है। नवंबर में इसका प्रसार मात्र सात प्रतिशत था, यानी कि एक महीने के भीतर इस वैरिएंट के कारण संक्रमण में काफी तेजी से उछाल दर्ज किया गया है। 

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कोरोना के नए वैरिएंट्स - फोटो : istock

क्या कहते हैं संक्रामक रोग विशेषज्ञ?

यूएस. स्थित वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. विलियम शेफनर कहते हैं, वैरिएंट को बढ़ने में कुछ समय जरूर लग रहा है, हालांकि एक बार रफ्तार पकड़ने के बाद ये व्यापक रूप से फैल रहा है। जब कोई वैरिएंट इस तरह से तेजी से बढ़ता है तो इससे न सिर्फ संक्रमण की रफ्तार तेज होती है साथ ही अगले कुछ महीनों में म्यूटेशन के साथ एक नए वैरिएंट के सामने आने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए फिलहाल JN.1 की रफ्तार को नियंत्रित करने पर ध्यान देना जरूरी है।

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कोविड-19 का खतरा - फोटो : istock

सीडीसी ने किया अलर्ट

22 दिसंबर को प्रकाशित सीडीसी की रिपोर्ट में कोविड-19 के खतरे को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों ने कहा, वृद्ध लोगों, शिशुओं, कमजोर प्रतिरक्षा वाले, क्रोनिक स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों और गर्भवती के लिए संक्रमण की स्थिति गंभीर रोगकारक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक वैसे तो ज्यादातर मामलों में JN.1 गंभीर बीमारी का कारण नहीं बन रहा है, पर इसे हल्के में लेने की गलती नहीं की जानी चाहिए। चीन में कथित तौर पर इसके कारण मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं।

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कोरोना के कारण गंभीर रोगों का खतरा - फोटो : istock

चीन में मौत के आंकड़े

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कथित तौर पर JN.1 के कारण मृत्यु दर में वृद्धि देखी जा रही है। देश के शवदाह गृह कोविड-19 से मौतों में वृद्धि के कारण चौबीस घंटे काम कर रहे हैं। हालांकि अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं कि मौत के मामले कोरोना से संबंधित है या नहीं। रिपोर्ट में एक स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है, बुजुर्गों के अलावा, युवा लोग और बच्चे भी मर रहे हैं। अंतिम संस्कार गृहों में अचानक लाशों की वृद्धि डराने वाली है।



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स्रोत और संदर्भ
CDC Continues to Track the Growth of JN.1

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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