कोरोना वायरस के बारे में पूरी तरह जान पाना वैज्ञानिकों के लिए इतना आसान नहीं है, क्योंकि यह एक नया वायरस है और काफी तेजी से दुनियाभर में फैल रहा है। हालांकि पहले की अपेक्षा अब संक्रमण के मामले काफी हद तक कम आ रहे हैं। ब्रिटेन में भी मामला घट रहा था, लेकिन अब अचानक से मामले बढ़ने लगे हैं और इसकी वजह है ब्रिटेन में मिला कोरोना का एक नया प्रकार। दरअसल, ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस का एक नया प्रकार पाया गया है जो तेजी से फैल रहा है। इस वजह से ब्रिटेन में अब तक का सबसे सख्त लॉकडाउन लगाया गया है।
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Coronavirus: कितना खतरनाक है ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का 'नया रूप'? क्या वैक्सीन काम नहीं करेगी उसपर
Wed, 16 Dec 2020 05:42 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 16 Dec 2020 05:42 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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कैसे पता चला कोरोना के इस नए प्रकार के बारे में?
- बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रोफेसर विटी ने बताया कि कोरोना के इस नए प्रकार के बारे में वर्तमान में किए गए वायरस के स्वैब टेस्ट में पता चला, जो पिछले कुछ हफ्तों में विशेषतौर पर केंट और उसके आसपास के इलाकों में पाया गया है।
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- बीबीसी के मुताबिक, नॉटिंघम यूनिवर्सिटी में मॉलिक्यूलर वायरोलॉजी के प्रोफेसर जॉनाथन बॉल का कहना है कि कई वायरस की जेनेटिक जानकारी बहुत जल्दी बदल सकती है। कई बार ये बदलाव वायरस को ही फायदा पहुंचाते हैं, जैसे कि वो तेजी से फैल सकता है या वैक्सीन के असर से बच सकता है। हालांकि कई बार वायरस में हुए बदलावों का कोई असर नहीं होता, लेकिन फिलहाल वैज्ञानिक इस नए प्रकार को लेकर विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं।
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- ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक का कहना है कि कोरोना के इस नए प्रकार के मिलने से ये बीमारी और बिगड़ सकती है और हो सकता है कि वैक्सीन इसपर काम ना करे। हालांकि पूरी जांच किए बिना अभी यह कह पाना मुश्किल है कि कोरोना वायरस का यह बदलाव मौजूदा वैक्सीन को कैसे प्रभावित करेगा।
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- ब्रिटेन में तो वैसे टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है और इस अभियान के तहत कई लोगों को टीका लगाया भी जा चुका है। यहां सबसे पहले एक 90 वर्षीय महिला को फाइजर की वैक्सीन दी गई थी। लेकिन वायरस के इस नए प्रकार के मिलने से निश्चित तौर पर चिंता बढ़ गई है।