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कोरोना वायरस से कम प्रभावित होते हैं बच्चे, वायरस के खिलाफ व्यस्कों से अलग बनती है एंटीबॉडी

Sat, 07 Nov 2020 08:06 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Sat, 07 Nov 2020 08:06 PM IST
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Covid 19 effect on Children produce different antibodies against Coronavirus than Adults
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच इसको लेकर विभिन्न देशों में तमाम तरह के शोध हो रहे हैं। इसी क्रम में एक नए शोध अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि बच्चों और व्यस्कों में कोरोना वायरस के खिलाफ अलग-अलग तरह की एंटीबॉडी विकसित होती है। स्वास्थ्य जर्नल 'नेचर इम्यूनोलॉजी' में प्रकाशित इस शोध अध्ययन में बताया गया है कि एंटीबॉडीज में अंतर के कारण ही वयस्कों और बच्चों में सार्स-सीओवी-2 का संक्रमण और इम्यून रेस्पांस और प्रतिरोधी प्रतिक्रिया भी भिन्न होती है। इसी वजह से ज्यादातर बच्चों के शरीर में वायरस ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाता है। शोध अध्ययन में सामने आई जानकारी काफी अहम मानी जा रही है। 

Covid 19 effect on Children produce different antibodies against Coronavirus than Adults
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इस शोध अध्ययन के लेखक अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डोना फार्बर ने कहा, 'हमारे शोध अध्ययन में बच्चों में Sars-Cov-2 के खिलाफ बनने वाली एंटीबॉडी का गहन अध्ययन किया गया है, जो यह बताता है कि बच्चों में वयस्कों में बिल्कुल अलग तरह की एंटीबॉडी बनती है। बच्चों में संक्रमण की समयावधि काफी कम रहती है और इनमें वयस्कों की तरह वायरस का संक्रमण भी नहीं होता है।'

Covid 19 effect on Children produce different antibodies against Coronavirus than Adults
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

डोना फार्बर ने कहा कि बच्चों के शरीर में ऐसी क्षमता होती है कि वे वायरस को फैलने नहीं देते। साथ ही, जल्द से जल्द उसे अपने शरीर से बाहर निकालने में कामयाब रहते हैं। बच्चों को वयस्कों की तरह मजबूत एंटीबॉडी इम्यून रिस्पांस की भी जरूरत नहीं होती। शोधकर्ताओं के मुताबिक, पिछले कई अध्ययनों में यह बात सामने आई थी कि वयस्कों के मुकाबले बच्चों में कोरोना का संक्रमण ज्यादा प्रभावी नहीं होता। यदि बच्चे इसकी चपेट में आ भी जाएं तो अन्य के मुकाबले उनकी कोरोना रिपोर्ट जल्द निगेटिव आ जाती है। 

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Covid 19 effect on Children produce different antibodies against Coronavirus than Adults
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

शोधकर्ताओं के मुताबिक, बच्चों में कोरोना संक्रमण के प्रभावी नहीं होने का कारण यही है कि बच्चों में बनने वाली एंटीबॉडी वयस्कों के मुकाबले बिल्कुल अलग होती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस अध्ययन में 47 बच्चों और 32 वयस्कों को शामिल किया गया था। इनमें 16 प्रतिभागी मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (MIS-C) यानी श्वांस संबंधी कई बीमारियों से ग्रसित थे, जबकि 16 बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। वयस्कों में भी ज्यादातर कोरोना वायरस से संक्रमित थे।

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Covid 19 effect on Children produce different antibodies against Coronavirus than Adults
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इस अध्ययन में पाया गया कि वयस्कों की तुलना में बच्चों के शरीर में वायरस के स्पाइक प्रोटीन के खिलाफ कम एंटीबॉडीज विकसित हुईं, जिसका इस्तेमाल वायरस इंसानी कोशिकाओं को संक्रमित करने के लिए करता है। बच्चों के एंटीबॉडीज में कम से कम न्यूट्रलाइजिंग गतिविधियां देखी गईं, वहीं वयस्कों ने न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी का ज्यादा मात्रा में उत्पादन किया था। न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी ही किसी रोगजनक या संक्रामक कण के प्रभाव को बेअसर करके कोशिकाओं का बचाती है।

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