कोरोनावायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का दुनिया के कई देशों में तेजी से प्रसार देखने को मिल रहा है। ब्रिटेन में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं, यहां एक दिन में हजारों मामले सामने आ चुके हैं। भारत में भी यह वैरिएंट काफी तेज रफ्तार से अपने पैर पसार रहा है, देश में अब तक 200 से ज्यादा लोगों में इस नए वैरिएंट से संक्रमण की पहचान की जा चुकी है। इतना ही नहीं अब तक करीब 14 राज्यों में कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट फैल चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि इस वैरिएंट की संक्रामता दर काफी अधिक है, ऐसे में सभी लोगों को इसे बचाव करते रहने की आवश्यकता है। चूंकि वायरस में कई ऐसे म्यूटेशन देखने को मिले हैं जो इसे शरीर में वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देने के योग्य बनाते हैं, ऐसे में टीकाकरण करा चुके लोगों के लिए भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
बड़ी खबर: ओमिक्रॉन वैरिएंट को बेअसर कर सकती है यह एंटीबॉडी कॉकटेल, एस्ट्राजेनेका का बड़ा दावा
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एस्ट्राजेनेका की एंटीबॉडी कॉकटेल
एस्ट्राजेनेका की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''प्रयोगशाला अध्ययन में पाया गया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की गतिविधि को बेअसर करने में एवुशेल्ड प्रभावी साबित हो सकती है।अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन के स्वतंत्र जांचकर्ताओं द्वारा यह अध्ययन किया गया है। इसके अलावा एवुशेल्ड की प्रभाविकता को और विस्तृत रूप से जानने के लिए थर्ड पार्टी के द्वारा भी अध्ययन किए जा रहे हैं, जिसके परिणाम जल्द ही सामने आएंगे। फिलहाल अब तक के अध्ययनों में इस कोविड-19 एंटीबॉडी कॉकटेल को काफी असरदार पाया गया है।''
कंपनी का क्या कहना है?
कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट मेने पेंगालोस ने बताया, इस अध्ययन में पाया गया है कि एवुशेल्ड ओमिक्रॉन वैरिएंट को काफी हद तक बेअसर करने में कारगर हो सकती है। एवुशेल्ड को दो शक्तिशाली एंटीबॉडीज को मिलाकर तैयार किया गया है, जो संभावित रूप से सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ असरदार साबित हो सकती है। एवुशेल्ड अपने आप में पहली एंटीबॉडी कॉकटेल है जिसे कोविड-19 के प्री-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस के लिए अमेरिका में आपातकालीन उपयोग को मंजूरी मिली है। कोविड-19 के उपचार में एवुशेल्ड के उपयोग को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं।
विस्तृत अध्ययन जारी
कंपनी की ओर से जारी रिलीज में कहा गया है कि जब एवुशेल्ड का क्लिनिकल परीक्षण किया जा रहा था, उस समय ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में पता नहीं था। क्लिनिकल ट्रायल में इस अवलोकन के निहितार्थ को बेहतर ढंग से समझने के लिए कंपनी आगे विस्तृत अध्ययन कर रही है। फिलहाल शुरुआती अध्ययनों के परिणाम ओमिक्रॉन वैरिएंट के खिलाफ इसे असरदार साबित करते हैं। आगे के अध्ययनों में स्थिति और भी स्पष्ट होगी।
अमेरिका में मिल चुकी है एवुशेल्ड को मंजूरी
इससे पहले अमेरिका में कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों या कोविड-19 टीकों से गंभीर दुष्प्रभावों के इतिहास वाले लोगों में कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए एवुशेल्ड के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है। यह मोनोक्लोनल एंटीबॉडी से संबंधित उपचार पद्धति पर आधारित है जिसमें शरीर में संक्रमण से लड़ने में प्राकृतिक एंटीबॉडी जैसी प्रतिलिपि बनाई जाती है। ओमिक्रॉन पर इसकी प्रभाविकता जानने के लिए अध्ययन जारी है।
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स्रोत और संदर्भ
Evusheld long-acting antibody combination retains neutralising activity against Omicron variant in independent FDA study
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