पूरी दुनिया को कोरोना की वैक्सीन मिलने में भले ही थोड़ा समय लगे, लेकिन ब्रिटेन और अमेरिका में तो टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है। ब्रिटेन में पिछले हफ्ते से ही लोगों को टीका लगाया जा रहा है। वहां की सरकार का कहना है कि इस टीकाकरण अभियान के तहत अब तक एक लाख 30 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। वैक्सीन के वितरण का काम देख रहे मंत्री नादिम जहावी ने ट्वीट किया है कि आठ से 15 दिसंबर के बीच 137,897 लोगों को फाइजर/बायोएनटेक की वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है।
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इस देश में एक लाख से अधिक लोगों का हो चुका टीकाकरण, जानिए वैक्सीन से जुड़े ताजा अपडेट्स
Thu, 17 Dec 2020 02:07 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Thu, 17 Dec 2020 02:07 PM IST
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कोरोना वायरस वैक्सीन अपडेट
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एशियाई मूल के लोगों में कम दिखा वैक्सीन के प्रति भरोसा
- एक नए अध्ययन में यह दावा किया जा रहा है कि एशियाई मूल के लोगों ने वैक्सीन के प्रति कम भरोसा दिखाया है। केवल 55 फीसदी लोगों ने ही टीका लगवाने के लिए हां कहा है। यह अध्ययन 'रॉयल सोसाइटी फॉर पब्लिक हेल्थ' की तरफ से किया गया है। हालांकि अध्ययन में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि लोग वैक्सीन क्यों नहीं लगवाना चाहते।
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फाइजर की वैक्सीन पर ब्रिटेन को भरोसा क्यों?
- फाइजर ने दावा किया था कि उसकी वैक्सीन 95 फीसदी तक प्रभावी है और कोरोना से बचाने में कारगर है। उसने वैक्सीन के ट्रायल से संबंधित डाटा भी ब्रिटेन के सामने पेश किया था, जिसके आधार पर ब्रिटेन के दवा नियामक ने फाइजर की वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए अस्थायी मंजूरी दे दी और उसके बाद टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया। फाइजर के मुताबिक, कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दो डोज लेनी चाहिए, जो कुछ दिन के अंतराल पर दिए जाते हैं।
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ऐसे लोग नहीं लगवाएं वैक्सीन
- ब्रिटेन की सरकार ने फाइजर की वैक्सीन को लेकर एक चेतावनी भी जारी की है, जिसमें कहा है कि दवाओं, खाद्य पदार्थों या टीके से एलर्जी होने की शिकायत वाले लोग फाइजर/बायोनटेक की वैक्सीन नहीं लगवाएं। दरअसल, वैक्सीन लेने के बाद दो लोगों को एलर्जी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद सरकार ने पहले ही लोगों को आगाह कर दिया।
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पनामा ने भी फाइजर/बायोएनटेक की वैक्सीन को दे दी मंजूरी
- ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, बहरीन, सऊदी अरब और सिंगापुर के अलावा अब पनामा ने भी फाइजर/बायोएनटेक की वैक्सीन पर भरोसा जताया है और उसके आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। पनामा के स्वास्थ्य मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि वैक्सीन के पहली खेप की डिलीवरी अगले साल की पहली तिमाही में होने की उम्मीद है। अन्य देशों की तरह वहां भी सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और बुजुर्गों को वैक्सीन दी जाएगी।