उत्तरी अफ्रीकी महाद्वीप में स्थित देश ट्यूनीशिया ने रूस की कोरोना वैक्सीन पर भरोसा जताया है। इस देश ने दुनिया की पहली वैक्सीन मानी जाने वाली 'स्पूतनिक-वी' को पंजीकृत किया है। शनिवार को यहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा, 'स्पूतनिक-वी वैक्सीन का ट्यूनीशिया में आपातकालीन प्रक्रिया के माध्यम से एक साल के लिए अस्थायी रूप से पंजीकरण किया गया है। क्लीनिकल ट्रायल (नैदानिक परीक्षण) के आधार पर इसे पंजीकृत किया गया है।' इसी के साथ ट्यूनीशिया इस वैक्सीन को पंजीकृत करने वाला अफ्रीका का तीसरा देश बन गया है। उससे पहले अल्जीरिया और गिनी इसे पंजीकृत कर चुके हैं।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
पिछले साल यानी दिसंबर 2020 में अर्जेंटीना ने भी 'स्पूतनिक-वी' के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दी थी और ऐसा करने वाला वह पहला लैटिन अमेरिकी देश बना था। अभी कुछ दिन पहले ही इस देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने 'स्पूतनिक-वी' वैक्सीन की पहली खुराक ली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्जेंटीना ने इस वैक्सीन की ढाई करोड़ खुराक खरीदी है।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
दरअसल, अर्जेंटीना 'स्पूतनिक-वी' वैक्सीन के साथ अपने नागरिकों का टीकाकरण शुरू करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है। इस विकसित करने वाले वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ 90 फीसदी से अधिक प्रभावी है। अर्जेंटीना ने हाल ही में अपने यहां 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों पर इस वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। इसके अलावा अर्जेंटीना को ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका द्वारा निर्मित टीके की पहली खेप का भी इंतजार है।
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'स्पूतनिक-वी' को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए अब तक कई देश मंजूरी दे चुके हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बेलारूस, सर्बिया, बोलिविया, वेनेजुएला, फिलिस्तीन, तुर्कमेनिस्तान, पैराग्वे और हंगरी आदि देश शामिल हैं।
5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
भारत में भी 'स्पूतनिक-वी' के तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। हैदराबाद की जानी-मानी कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज देश में इसके ट्रायल कर रही है। माना जा रहा है कि मार्च में यह ट्रायल पूरा हो जाएगा और उसके बाद डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज भारत में इसके आपातकालीन इस्तेमाल के लिए आवेदन कर सकती है। अगर इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह भारत में मंजूरी पाने वाली तीसरी वैक्सीन होगी। हाल ही में रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरिल दिमित्रिव ने इसकी कीमतों को लेकर कहा था भारत समेत अन्य देशों में इस वैक्सीन की कीमत 730 रुपये से भी कम होगी।