कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच सभी को इंतजार है तो बस यही कि जल्द से जल्द इसकी वैक्सीन आ जाए। भारत, अमेरिका समेत दुनिया के कई देश इसकी वैक्सीन बनाने में लगे हैं। इस बीच ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में बनाए जा रहे वैक्सीन के बंदरों पर सकारात्मक परिणाम आने के बाद इसका ट्रायल अगले चरण में है। कोरोना की वैक्सीन जल्द से जल्द लोगों के लिए उपलब्ध हो, इसके लिए ब्रिटिश वैज्ञानिक तल्लीनता से जुटे हुए हैं। वैक्सीन का ट्रायल सफल होने पर इसे 10 हजार से अधिक लोगों को लगाने की तैयारी की जा रही है।
2 of 6
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
मालूम हो कि पिछले दिनो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने प्रायोगिक तौर पर तैयार की गई वैक्सीन के प्रभाव और सुरक्षा की जांच के लिए एक हजार से अधिक वॉलेंटियर यानी स्वयंसेवकों पर परीक्षण की शुरुआत की थी। अंग्रेजी वेबसाइट रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश वैज्ञानिक 10,260 लोगों पर इस टीके का परीक्षण करने जा रहे हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में टीका विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे एंड्रयू पोलार्ड के मुताबिक, वैक्सीन के परिणामों का अध्ययन बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहा है। बुजुर्गों में भी इस वैक्सीन का परीक्षण कर यह पता लगाया जाएगा कि क्या यह वैक्सीन पूरी आबादी के लिए सुरक्षात्मक है या नहीं।
4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
कैसे बनाई गई वैक्सीन
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की गई वैक्सीन में चिम्पैंजी कोल्ड वायरस का इस्तेमाल किया गया है, ताकि नुकसान न हो। इसमें कुछ ऐसे बदलाव किए गए हैं, ताकि इंसानी शरीर कोरोना से लड़ने वाले प्रोटीन से युक्त हो जाए। बता दें कि चीनी कंपनी भी इसी तकनीक पर वैक्सीन बनाने में जुटी है।
5 of 6
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
मालूम हो कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए दुनिया के विभिन्न देशों में 10 से ज्यादा वैक्सीन, इंसानों पर परीक्षण के शुरुआती चरण में पहुंच चुके हैं। इनमें चीन, अमेरिका और यूरोप के अन्य देशों के वैक्सीन शामिल हैं। इनके अलावा दर्जनों टीके विकसित किए जा रहे हैं।