कोरोना वैक्सीन को लेकर अमेरिका के लोगों का इंतजार तो खत्म हो गया है। वहां टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है, जिसके तहत कई लोगों को टीका लगाया जा चुका है। दरअसल, हाल ही में अमेरिका ने फाइजर की वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी और अब खबर आ रही है कि अमेरिका एक और वैक्सीन को मंजूरी देने की तैयारी कर रहा है और वो है मॉडर्ना की वैक्सीन। माना जा रहा है कि शुक्रवार को होने वाली खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की बैठक में इस वैक्सीन को मंजूरी दी जा सकती है, जिसके बाद अमेरिका में मॉडर्ना की वैक्सीन का इस्तेमाल भी शुरू हो जाएगा।
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Coronavirus Vaccine: अमेरिका में एक और कोरोना वैक्सीन को मिल सकती है मंजूरी, जानें कितनी प्रभावी है ये
Wed, 16 Dec 2020 12:22 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 16 Dec 2020 12:22 PM IST
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अमेरिका में कोरोना वैक्सीन
- फोटो : Pixabay/Amarujala
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कितनी असरदार है यह वैक्सीन?
- अब तक हुए क्लिनिकल ट्रायल में मॉडर्ना की वैक्सीन को 95 फीसदी तक असरदार पाया गया है। कंपनी का दावा है कि ट्रायल के दौरान सभी जरूरी वैज्ञानिक मानदंडों को पूरा किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के सीईओ स्टीफन बैंसेल का कहना है कि अगर वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो 21 दिसंबर तक उसे बाजार में उतार दिया जाएगा।
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एमआरएनए वैक्सीन है मॉडर्ना
- मॉडर्ना वैक्सीन एमआरएनए तकनीक पर आधारित वैक्सीन है, जिसे वायरस के जेनेटिक कोड के कुछ टुकड़े शामिल कर बनाया गया है। दरअसल, इस वैक्सीन को जब किसी के शरीर में लगाया जाता है, तो शरीर वायरल प्रोटीन बनाने लगता है, लेकिन पूरा वायरस नहीं बनाता। इस तरह शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) वायरस की पहचान कर उसपर हमला करने के लिए तैयार हो जाता है।
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भारत के लिए कितने काम की है ये वैक्सीन?
- मॉडर्ना की वैक्सीन को माइनस 20 डिग्री तापमान पर संग्रहित (स्टोर) करने की जरूरत होती है और इस तापमान पर इसे छह महीने तक स्टोर किया जा सकता है। इसलिए इस वैक्सीन को भारत के लिए उपयुक्त माना जा सकता है, क्योंकि भारत के पास वैक्सीन को माइनस 20 डिग्री तापमान पर संग्रहित करने की व्यवस्था है, लेकिन फाइजर की वैक्सीन के साथ दिक्कतें हैं, क्योंकि उसे माइनस 70 डिग्री तापमान की जरूरत होती है और फिलहाल भारत के पास इसे संग्रहित करने की व्यवस्था बहुत कम है।
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अमेरिका में हैं सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित लोग
- कोरोना संक्रमण के मामले में अमेरिका सबसे टॉप पर है। वहां अब तक एक करोड़ 71 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि तीन लाख 11 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और ये आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल वैक्सीन की सबसे ज्यादा जरूरत अमेरिका को ही है।