भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान को शुरू हुए नौ दिन बीत चुके हैं और इस दौरान अब तक देश में 16 लाख 15 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। 24 जनवरी को 33 हजार से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया। फिलहाल तो यहां दो ही वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, पहली- सीरम इंस्टीट्यूट की 'कोविशील्ड' और दूसरी- भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन', लेकिन आने वाले मार्च तक हो सकता है कि भारत को एक और वैक्सीन मिल जाए। आइए जानते हैं उस वैक्सीन के बारे में सबकुछ, जो भारत में मंजूरी पाने वाली तीसरी वैक्सीन बन सकती है।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
दरअसल, रूस के गमलेया रिसर्च सेंटर द्वारा विकसित वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी' का ट्रायल भारत में भी चल रहा है। हैदराबाद की जानी-मानी कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज यहां इसके ट्रायल कर रही है। भारत में 'स्पूतनिक-वी' के पहले और दूसरे चरण के ट्रायल तो पूरे हो चुके हैं और अब तीसरे यानी आखिरी चरण का ट्रायल चल रहा है। हाल ही में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने तीसरे चरण के ट्रायल के लिए मंजूरी दी थी।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज के मुताबिक, स्पूतनिक-वी (Sputnik-V) का भारत में हो रहा दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरा है। ट्रायल का सुरक्षा डाटा ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के पास जमा करवा दिए गए हैं।
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
माना जा रहा है कि स्पूतनिक-वी के तीसरे चरण का ट्रायल मार्च में पूरा हो जाएगा और उसके बाद डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज भारत में इसके आपातकालीन इस्तेमाल के लिए आवेदन कर सकती है। अगर ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह भारत में मंजूरी पाने वाली तीसरी वैक्सीन बन सकती है। भारत समेत अन्य देशों में इस वैक्सीन की कीमत 730 रुपये से भी कम होगी। यह जानकारी रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरिल दिमित्रिव ने दी।
5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
स्पूतनिक-वी को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए अब तक कई देश मंजूरी दे चुके हैं, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बेलारूस, सर्बिया, बोलिविया, अर्जेंटीना, वेनेजुएला, फिलिस्तीन, अल्जीरिया, तुर्कमेनिस्तान और पैराग्वे शामिल हैं। इनके अलावा हंगरी भी इस वैक्सीन को मंजूरी दे चुका है। दरअसल, स्पूतनिक-वी वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा प्रभावी साबित हुई है।