भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या अब एक करोड़ तीन लाख से भी अधिक हो गई है जबकि मरने वालों का आंकड़ा भी एक लाख 49 हजार के पार है। हालांकि खुशी की बात ये है कि देश में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित वैक्सीन 'कोविशील्ड' को मंजूरी मिल गई है। पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट इसका उत्पादन कर रहा है। इसके अलावा भारतीय कंपनी भारत बायोटेक की वैक्सीन को भी आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी गई है। हालांकि अभी अंतिम अनुमति मिलना बाकी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब...
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Coronavirus: अगर किसी प्रकार की एलर्जी है तो क्या कोरोना की वैक्सीन लगवानी चाहिए? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ
Sun, 03 Jan 2021 11:03 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 03 Jan 2021 11:03 AM IST
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भारत में कोरोना वैक्सीन
- फोटो : iStock
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अगर किसी प्रकार की एलर्जी है तो क्या वैक्सीन लगवानी चाहिए?
- दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'फाइजर की जो वैक्सीन आई है, उसमें कंपनी ने पहले ही कह दिया है कि इस वैक्सीन से एलर्जी बढ़ सकती है, इसलिए एलर्जी वाले लोग इससे दूर रहें। सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन 'कोविशील्ड' के परीक्षण के दौरान किसी प्रकार के एलर्जिक रिएक्शन की बात सामने नहीं आई है। अगर आपको किसी भी चीज से एलर्जी है, तो वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर को बता दें।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन लगवाने के कितने दिन बाद शरीर में एंटीबॉडी बनने लगते हैं?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'कोरोना वैक्सीन की दो डोज होती हैं। पहली डोज लगने के दो हफ्ते के बाद बूस्टर डोज लगाई जाती है, उसके दो सप्ताह के बाद शरीर में वायरस से लड़ने में सक्षम एंटीबॉडी बनना शुरू होते हैं। ध्यान रहे, पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी बनने में कम से कम छह हफ्ते लगते हैं। तब जाकर हम कह पाते हैं कि व्यक्ति सुरक्षित है।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
लोग कह रहे हैं कि एलर्जी वाले लोगों को मास्क से डबल फायदा होता है, क्या यह सही है?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय कहते हैं, 'यह बात एकदम सही है। दरअसल, मास्क न केवल वायरस से बचाता है, बल्कि धूल, धुएं, आदि में मौजूद एलर्जन से भी बचाता है। इससे एलर्जिक रिएक्शन कम होता है। हमारे देश में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) के नए मामलों में गिरावट दर्ज हुई है। यह भी मास्क की वजह से संभव हो पाया है। यह भी कहा जा रहा है कि मास्क लगाने से लोगों का थूकना कम हो गया, जिससे कई बीमारियों पर लगाम लग गई।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया क्या होगी?
- डॉ. ए. के. वार्ष्णेय बताते हैं, 'पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स, वृद्ध लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। इन लोगों को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद आपको समय दिया जाएगा कि टीकाकरण केंद्र पर कितने बजे पहुंचना है। एक साथ सभी को नहीं बुलाया जा सकता है। एक केंद्र पर एक घंटे में आठ से दस लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। एक दिन में लगभग 100 लोगों का टीकाकरण हो सकता है। देशभर में केंद्र बनाए जाएंगे। यह काफी लंबा कार्य है।'