भारत के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देश में अब तक एक करोड़ 17 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और हर दिन लगभग 40 हजार के आसपास मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि इस बीच देश में टीकाकरण अभियान में भी तेजी आई है। अब तक पांच करोड़ से अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। महाराष्ट्र 50 लाख टीके लगाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब चूंकि संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं और टीकाकरण भी चल रहा है, ऐसे में सवाल उठता है कि कोरोना वैक्सीन लेने के कितने समय बाद पूरी तरह से इम्यूनिटी आ जाएगी? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं ऐसे ही सवालों के जवाब...
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कोविड-19: कोरोना वैक्सीन लेने के कितने समय बाद पूरी तरह से इम्यूनिटी आ जाएगी? विशेषज्ञ से जानें
Thu, 25 Mar 2021 11:59 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Thu, 25 Mar 2021 11:59 AM IST
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कोरोना वैक्सीन
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
- फोटो : Twitter/Air
कोविशील्ड के लिए 4 से 8 हफ्ते का अंतराल रखा गया है तो दूसरी डोज कौन से हफ्ते में लेनी सबसे बेहतर है?
- कोलकाता के स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के डॉ. शम्बो सम्राट समाजदार कहते हैं, 'कोविशील्ड के लिए 6-8 हफ्ते के बीच वैक्सीन लेनी है। जिस दिन पहली खुराक ली है, उस दिन से गिनकर छह हफ्ते के बाद कभी भी वैक्सीन की दूसरी खुराक ले सकते हैं, लेकिन आठवें हफ्ते के बाद नहीं लेनी है।'
कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन कोरोना वायरस से बचाएगी या फैलाव से रोकेगी?
- डॉ. शम्बो सम्राट समाजदार कहते हैं, 'हम लोग कोरोना की जो वैक्सीन ले रहे हैं, इसका उद्देश्य है कि वायरस से जो गंभीर रूप से बीमार होते हैं यानी सीवियर को कम करेगा। साथ ही मृत्यु दर भी कम होगी। लेकिन ऐसा नहीं है कि वैक्सीन लगाने के बाद संक्रमण नहीं होगा बल्कि शरीर में इतनी एंटीबॉडी आ जाएगी कि वायरस शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। इसलिए वैक्सीन लगने के बाद भी सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क और हैंड सैनिटाइज करना नहीं भूलना है, चाहे आप वैक्सीन लगा चुके हों या सामने वाला लगवा चुका हो, क्योंकि व्यक्ति एसिम्प्टोमेटिक कैरियर हो सकता है।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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वैक्सीन लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- डॉ. शम्बो सम्राट समाजदार कहते हैं, 'जब कोई बीमारी या संक्रमण होता है तो हमारा शरीर उसके खिलाफ एक एंटीबॉडी बनाता है, वो एंटीबॉडी भविष्य में भी उस बीमारी से लड़ने के लिए बनाता रहता है। लेकिन कुछ बीमारी ऐसी होती हैं कि अगर हम एंटीबॉडी बनने का इंतजार करेंगे तो उस बीच वायरस शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में वैक्सीन लगाई जाती है, जो उस बीमारी के खिलाफ एक ऐसा वातावरण बनाती है, जो शरीर को लड़ने की क्षमता दे। अगर वायरस भविष्य में भी कभी आया तो शरीर की मेमोरी सेल उसे याद कर लेती है और उस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बना देती है। इसलिए वैक्सीन सबके लिए जरूरी है।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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सरकार ने 45 साल के ऊपर के लोगों को वैक्सीन लगाने का ऐलान कर दिया है, इसे कैसे देखते हैं?
- डॉ. शम्बो सम्राट समाजदार कहते हैं, 'जी हां, टीकाकरण के अगले चरण में अब 45 साल के ऊपर के सभी लोगों को एक अप्रैल से वैक्सीन लगाई जाएगी। इसमें जितने भी कोमोरबिडिटी वाले मरीज हैं, उन्हें आसानी से वैक्सीन मिलेगी। अभी तक चार करोड़ 85 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग और 45 साल से ऊपर वाले कोमोरबिडिटी वालों को वैक्सीन लग रही थी। इससे फायदा ये होगा कि हम जल्द ही हर्ड इम्यूनिटी के करीब पहुंचेंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमित होने से बचा सकेंगे।'