भारत में कोरोना टीकाकरण के दूसरे चरण में सोमवार से वरिष्ठ नागरिकों और 45 साल से अधिक उम्र के बीमार लोगों को टीका लगाने का काम शुरू हो गया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली और उन्होंने लोगों से देश को कोरोना मुक्त बनाने के लिए टीका लगवाने की अपील भी की। देश में फिलहाल दो कंपनियों की कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहे है, भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि दोनों वैक्सीन प्रतिरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित हैं। दरअसल, इन दोनों वैक्सीन में कुछ समानताएं हैं, तो कुछ अंतर भी हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ...
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Coronavirus Vaccine: कोवैक्सिन और कोविशील्ड में क्या समानताएं हैं और क्या अंतर? जानिए इनके बारे में सबकुछ
Tue, 02 Mar 2021 05:04 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 02 Mar 2021 05:04 PM IST
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कोवैक्सिन और कोविशील्ड
- फोटो : PTI/twitter@seruminstitute
कोरोना वायरस वैक्सीन
- फोटो : iStock
कोवैक्सिन
- इस वैक्सीन को भारत बायोटेक कंपनी ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर बनाया है। इसीलिए इसे 'स्वदेशी वैक्सीन' भी कहा जाता है। इसके निर्माण में मृत कोरोना वायरस का इस्तेमाल किया गया है, ताकि वैक्सीन से लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे। यह कोरोना संक्रमण के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी पैदा करती है, जिससे कोरोना से लड़ने में मदद मिलती है।
Covishield, Vaccine
- फोटो : Twitter@AdarPoonawala
कोविशील्ड
- कोविशील्ड, ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका का भारतीय संस्करण है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कंपनी भारत में इसका उत्पादन कोविशील्ड के नाम से कर रही है। इस वैक्सीन का विकास कॉमन कोल्ड एडेनोवायरस से किया गया है। चिम्पांजी को संक्रमित करने वाले इस वायरस में बदलाव किए गए हैं, ताकि यह इंसानों को संक्रमित न कर सके। इस वैक्सीन का परीक्षण 18 और उससे अधिक उम्र के लोगों पर किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कितनी खुराक की हैं दोनों वैक्सीन?
- कोवैक्सिन और कोविशील्ड दोनों ही वैक्सीन दो खुराक वाली हैं, यानी कोरोना से बचाव के लिए आपको इनकी दो खुराक लेनी पड़ेगी। दोनों खुराक के बीच 28 दिन का अंतर रखना पड़ता है। इसका मतलब ये है कि आपने इनमें से किसी भी वैक्सीन की पहली खुराक अगर आज ली है, तो दूसरी खुराक आपको उसके 28 दिन पर लेनी है।
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कोरोना वायरस वैक्सीन
- फोटो : iStock
भंडारण (स्टोरेज) और प्रभावकारिता
- कोवैक्सिन और कोविशील्ड, दोनों ही वैक्सीन ऐसी हैं, जिन्हें रखने के लिए सामान्य तापमान (2-8 डिग्री) की जरूरत होती है। फ्रिज में इन्हें छह महीने के लिए स्टोर किया जा सकता है। कोविशील्ड की प्रभावकारिता की अगर बात करें तो विभिन्न ट्रायल के हिसाब से यह 70-90 फीसदी प्रभावी पाई गई है। वहीं, कोवैक्सिन की प्रभावकारिता के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।