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कोरोना वायरस: मरीजों के शरीर में खून के थक्के बनना हो रहा घातक, जान पर आफत

Sat, 23 May 2020 09:30 AM IST
निलेश कुमार बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Published by: निलेश कुमार Updated Sat, 23 May 2020 09:30 AM IST
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Coronavirus Updates: Blood clots in Covid 19 Patients Body are becoming high risk for their life
Coronavirus - फोटो : Twitter

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार 30 फीसदी तक मरीजों को खून के थक्कों के बनने की घातक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।



क्या होते हैं ब्लड क्लॉट या थ्रोंबोसिस?
विशेषज्ञ बताते हैं कि ये खून के थक्के या क्लॉट्स कई मरीजों के मरने की वजह हो सकते हैं। इन क्लॉट्स को थ्रोंबोसिस कहा जाता है। इन थक्कों के बनने की वजह से फेफड़ों में गंभीर सूजन पैदा होती है। कोरोना वायरस से शिकार मरीज का शरीर सामान्य प्रतिक्रिया के तौर पर फेफड़ों में सूजन पैदा करता है।

Coronavirus Updates: Blood clots in Covid 19 Patients Body are becoming high risk for their life
पूरी दुनिया में मरीजों को इस वायरस का सामना करना पड़ रहा है। - फोटो : PTI

पूरी दुनिया में मरीजों को इस वायरस की वजह से कई तरह की दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से कुछ दिक्कतें ऐसी भी हैं जिनसे मरीज की मौत तक हो सकती है।

माइक्रो-क्लॉट्स की समस्या
मार्च में जब कोरोना वायरस पूरी दुनिया में तेजी से पांव पसार रहा था, उस वक्त डॉक्टरों को अस्पताल में भर्ती बड़ी तादाद में ऐसे मरीज मिले जिन्हें खून के थक्के जमने की दिक्कत हो रही थी। ऐसे मरीजों की संख्या डॉक्टरों की आशंका से कहीं ज्यादा थी।

Coronavirus Updates: Blood clots in Covid 19 Patients Body are becoming high risk for their life
कोरोना वायरस संकट - फोटो : PTI

डॉक्टरों को और भी कई चौंकाने वाली चीजों का पता चला। मसलन, कुछ मरीजों के फेफड़ों में सैकड़ों की संख्या में माइक्रो-क्लॉट भी पाए गए थे। इस वायरस की वजह से डीप वेन थ्रोंबोसिस के मामलों में भी इजाफा दर्ज किया गया है। डीप वेन थ्रोंबोसिस ऐसे खून के थक्के होते हैं जो कि आमतौर पर पैर में पाए जाते हैं। अगर इनके टुकड़े होकर शरीर के ऊपरी हिस्से फेफड़े में पहुंचने लगते हैं तो इससे जान को जोखिम हो सकता है। इनसे रक्त वाहिकाएं अवरुद्ध हो जाती हैं।

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Coronavirus Updates: Blood clots in Covid 19 Patients Body are becoming high risk for their life
कोरोना का संकट काल - फोटो : PTI

गंभीर खतरा
पिछले महीने आर्टिस्ट ब्रायन मैकक्ल्योर को निमोनिया की शिकायत के चलते अफरातफरी में हॉस्पिटल लाना पड़ा था। लेकिन, हॉस्पिटल में भर्ती होने के तुरंत बाद हुए स्कैन में पता चला कि उनके लिए जिंदगी की जंग कहीं ज्यादा मुश्किल भरी है।

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Coronavirus Updates: Blood clots in Covid 19 Patients Body are becoming high risk for their life
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

वह बताते हैं, "मेरे फेफड़ों की स्क्रीनिंग हुई और इससे पता चला कि मेरे फेफड़ों में खून के थक्के जम गए हैं। मुझे बताया गया कि यह बेहद खतरनाक है। तब मुझे वाकई चिंता होने लगी थी। मुझे अंदाजा हो रहा था कि अगर मेरी हालत में सुधार नहीं हुआ तो मैं गंभीर संकट में पड़ जाऊंगा।" अब वह अपने घर पर ही रिकवरी कर रहे हैं।

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