प्रिया पांडेय
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
कोरोना वायरस ने फिर से देश में दस्तक देकर काफी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है, और वहीं काफी लोगों की जान भी ये वायरस ले रहा है। हालांकि, कोरोना वायरस को मात देकर लोग अपने घर भी लौट रहे हैं। लेकिन हम इस बात को नहीं भूल सकते कि ये वायरस इतना खतरनाक है कि ठीक होने के बावजूद ये हमारे शरीर को बेहद कमजोर बना देता है। पोस्ट कोविड लोगों को कमजोरी के कारण चलने-फिरने और कई काम करने में दिक्कत आती है। ऐसे में आपको अपने खानपान का विशेष ध्यान देना चाहिए। तो चलिए आपको एक खास जूस के बारे में बताते हैं, जो इसमें आपकी मदद कर सकता है।
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- फोटो : Pixabay
पी सकते हैं ये जूस
- शरीर में कमजोरी को दूर करने के लिए गाजर, चुकंदर और लौकी जैसी चीजों को खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन मुंह का स्वाद खराब होने और इच्छा न करने के कारण लोग इन्हें खा नहीं पाते। ऐसे में आप इन सभी का जूस निकालकर पी सकते हैं। ऐसा करने से ये आपके शरीर को लाभ देगा और पोस्ट कोविड में तो ये जूस आपकी कमजोरी को दूर करने के साथ ही आपके हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
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ऐसे निकाले जूस
- गाजर, चुकंदर, अनार, मौसमी या संतरा, एक सेब, लौकी, टमाटर और अदरक का एक टुकड़ा डालकर इन सबका जूस निकाल लें। फिर इसमें नींबू, काला नमक और काली मिर्च डाल लें। इसके बाद इसे हल्का सा गुनगुना करें और फिर एक गिलास भरकर पी लें।
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10 दिनों तक सेवन करें
- इस जूस का सेवन आपको कम से कम 10 दिनों तक रोजाना करना है। इस जूस का सेवन करने से जरूरी मिनरल्स आपको मिलेंगे और आपके शरीर की कमजोरी भी दूर होगी। यही नहीं, ये जूस इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी कारगर है।
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इनसे भी मिल सकता है फायदा
- इस जूस के अलावा रोजाना रात को सोने से पहले मुनक्का, बादाम और अखरोट के पांच-पांच दाने और दो अंजीर को भिगो दें। इसके बाद अगले दिन सुबह उठकर खाली पेट इनका सेवन करें। ध्यान रहे कि इन्हें खाने के आधे घंटे तक कुछ न खाएं। ऐसा करने से भी आपकी कमजोरी दूर होने में मदद मिल सकती है।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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