भारत सरकार ने देश में कोरोना के बढ़ते रफ्तार पर रोक लगाने के लिए एक मई से 18 साल और उससे अधिक आयु के लोगों को कोरोना के टीके उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इसके लिए आप रजिस्ट्रेशन करा कर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल से मुफ्त में टीकाकरण करा सकते हैं। अब तक 45 साल या उससे अधिक आयु वाले लोगों को टीका दिया जा रहा था। टीकाकरण के बाद कई लोगों में बुखार और कमजोरी जैसी दिक्कतों की शिकायत मिली है, ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि युवाओं के लिए टीकाकरण कराना कितना सही है? इसके अलावा टीकाकरण के बाद लोगों को किन बातों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी? आइए इन सभी सवालों के बारे में डॉक्टरों से जानते हैं।
विशेषज्ञ से जानें: युवाओं के लिए कितनी सुरक्षित है कोरोना की वैक्सीन? टीकाकरण के बाद किन बातों का रखना होगा ध्यान?
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भारत सरकार ने देश में कोरोना के बढ़ते रफ्तार पर रोक लगाने के लिए एक मई से 18 साल और उससे अधिक आयु के लोगों को कोरोना के टीके उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इसके लिए आप रजिस्ट्रेशन करा कर अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल से मुफ्त में टीकाकरण करा सकते हैं। अब तक 45 साल या उससे अधिक आयु वाले लोगों को टीका दिया जा रहा था। टीकाकरण के बाद कई लोगों में बुखार और कमजोरी जैसी दिक्कतों की शिकायत मिली है, ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि युवाओं के लिए टीकाकरण कराना कितना सही है? इसके अलावा टीकाकरण के बाद लोगों को किन बातों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी? आइए इन सभी सवालों के बारे में डॉक्टरों से जानते हैं।
टीकाकरण कितना सुरक्षित
युवाओं के टीकाकरण और उससे जुड़े सवालों के बारे में जानने के लिए हमने एम्स में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अजीत सिंह ओबेरॉय से बातचीत की। डॉ अजीत बताते हैं कि भारत में प्रयोग में लाई जा रही दो वैक्सीन- कोवैक्सीन और कोवीशील्ड काफी सुरक्षित हैं। क्लीनिकल रिसर्च में इनसे होने वाले साइड इफेक्ट्स भी बहुत कम ही देखे गए हैं। लोगों के मन में इसको लेकर डर इसलिए भी है क्योंकि लोग प्रमाणिक स्रोतों से ज्यादा सोशल मीडिया से वैक्सीन के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
युवाओं को टीकाकरण के बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
इस सवाल के जवाब में डॉ अजीत कहते हैं कि वैक्सीन लगवाने के बाद सामान्य तौर पर लोग निडर हो जाते हैं, आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा। वैक्सीन की पहली डोज के बाद शरीर में इसका ज्यादा असर नहीं होता है, दूसरी डोज के बाद ही वैक्सीन की प्रभाविकता 80 फीसदी से ऊपर की देखी गई है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी आपको सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। टीकाकरण के बाद आप तो सुरक्षित हो जाते हैं पर अगर सावधानियां नहीं बरतेंगे तो जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, आप उन्हें संक्रमित जरूर कर देते हैं।
वैक्सीन के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं
डॉ अजीत सिंह बताते हैं कि देश में पहले भी कई बीमारियों के लिए टीकाकरण हुआ है, उन वैक्सीनों का भी लोगों में कुछ साइड इफेक्ट्स होता है, कोरोना की वैक्सीन के साथ भी ऐसा ही है। सामान्य तौर पर इस वैक्सीन के पहले डोज के बाद लोगों को हल्के बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द जैसा अनुभव हो रहा है, हालांकि यह दिक्कतें एक-दो दिन में ठीक भी हो जाती हैं। इसके अलावा वैक्सीन के कोई और गंभीर साइड इफेक्ट्स देखने को नहीं मिले हैं।
डॉ अजीत सिंह कहते हैं कि जो लोग टीकाकरण करा रहे हैं उन्हें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आप कौन सी वैक्सीन लगवा रहे हैं? यदि आपने पहला डोज कोवैक्सीन का लिया है तो दूसरा डोज भी कोवैक्सीन का ही होना चाहिए। वैसे सभी केंद्रों पर टीकाकरण अधिकारी स्वयं ही इस बात का ध्यान रखते हैं। दोनों डोज एक ही वैक्सीन का होना चाहिए।
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नोट: यह लेख एम्स में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अजीत सिंह ओबेरॉय से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।