डॉ मधुर जैन
हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरोलॉजिस्ट
अनुभव- 10 सालों से ज्यादा
Medically Reviewed by Dr. Madhur Jain
देश के लोगों को कोरोना वायरस ने परेशान करके रखा है। भले ही धीरे-धीरे करके लॉकडाउन की पाबंदिया हटाई जा रही हैं और कोरोना केसों में भी गिरावट देखी जा रही है। लेकिन आज भी लोगों के मन में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में जमकर कहर मचाया। हालांकि, कोरोना वायरस को मात देकर काफी लोग अपने घर भी लौटें। लेकिन जो लोग ठीक होकर वापस आएं, उनमें कई तरह की दिक्कतें देखी जा रही हैं। इन सबके बीच कोरोना संक्रमित मरीजों की याददाश्त को भी निशाना बना रहा है। जो लोग वायरस को मात देकर ठीक हुए हैं, उनमें से कई लोगों के दिमागी गफलत से जूझने की बात सामने आई है। लखनऊ के केजीएमयू और बलरामपुर अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरोलॉजी विभाग में कोरोना को मात देने वाले सौ से ज्यादा लोग याददाश्त संबंधी परेशानी लेकर पहुंचे हैं। इनमें से ज्यादातर ऐसे बुजुर्ग हैं, जिन्हें गंभीर संक्रमण के कारण आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। तो चलिए जानते हैं इसके होने के पीछे के कारण के बारे में और इससे कैसे बचा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
क्यों होती है याददाश्त संबंधी दिक्कत?
- दरअसल, डॉक्टर्स मानते हैं कि सार्स-कोव-2 वायरस पहले व्यक्ति के फेफड़ों पर हमला करता है, जिसकी वजह से शरीर को जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऐसे में व्यक्ति के मस्तिष्क में भी ऑक्सीजन का प्रवाह घट जाता है, जिसकी वजह से याददाश्त प्रभावित होना स्वाभाविक है। डॉक्टर्स मानते हैं कि कोरोना की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के औसतन महीने भर बाद तक याददाश्त संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
इन बातों का रखें ध्यान:
1. योग और अध्यात्म से समय निकालकर इनसे जुड़ें
2. रात में समय पर सोएं और कम से कम 8-9 घंटे की नींद जरूर लें
3. डर और अफवाह फैलाने वाले लोगों से दूर रहें और नकारात्मक बातों पर ध्यान न दें
4. खाने में हेल्दी आहार लें। प्रोटीन, मिनरल, विटामिन और पौष्टिक डाइट का सेवन करें
5. धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन न करें तो काफी बेहतर रहेगा
6. खुश रहने की कोशिश करें, और तनाव में न रहें।
नोट: डॉ मधुर जैन उजाला सिग्नस अस्पताल, रेवाड़ी में कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट हैं। इन्होंने तंजावुर मेडिकल कॉलेज, द तमिलनाडु डॉक्टर एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसी के साथ डॉक्टर जैन ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन से डी.एन.बी मेडिसिन और डी.एन.बी कार्डियोलॉजी किया है। इनके पास एम्स, वी.एम. एम. सी. सी और सफदरजंग अस्पताल सहित कई अस्पतालों में काम करने का 10 सालों से ज़्यादा का अनुभव है। डॉक्टर मधुर जैन के पास शरीर रचना विज्ञान, ईसीजी और प्रसूति, और स्त्री रोग में संमान का प्रमाण पत्र भी है।
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