कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच देश और दुनिया के वैज्ञानिक इसकी जांच से लेकर इलाज और वैक्सीन विकसित किए जाने को लेकर रिसर्च में लगे हैं। इसकी दवा और वैक्सीन तैयार करने को लेकर अलग-अलग कंपनियों और वैज्ञानिकों की ओर से जल्द तैयार करने का दावा किया जा रहा है। इस बीच भारतीय वैज्ञानिक मीनल दखावे ने कोरोना की जांच के लिए बहुत सस्ती किट तैयार की है। वहीं बांग्लादेश में भी वैज्ञानिक बेहद सस्ते और कम समय में परिणाम बताने वाले किट तैयार करने का दावा कर रहे हैं। दावा है कि यह किट महज 15 मिनट में कोरोना की जांच कर रिजल्ट बता देगी।
बांग्लादेश के दावे के बीच इधर भारत में जांच किट तैयार है। भारतीय महिला वैज्ञानिक मीनल दखावे भोसले ने महज 1200 रुपये में एक टेस्टिंग किट तैयार की है, जो करीब 4500 रुपये वाली विदेशी टेस्टिंग किट की तुलना में काफी सस्ती है। दावा है कि यह किट कोरोना वायरस संक्रमण की जांच ढाई घंटे में कर लेती है, जबकि विदेशी किट को जांच में छह-सात घंटे लग जाते हैं। महिला वायरोलॉजिस्ट ने मीनल अपने बच्चे को जन्म देने से महज कुछ घंटे पहले तक लगातार काम करके जांच किट तैयार की।
वहीं, बांग्लादेश की सरकार ने भी वहां बनाए गए किट के उत्पादन की अनुमति दे दी है। बांग्लादेश ने जो किट बनाया है, उसकी लागत महज तीन डॉलर यानी करीब 225 भारतीय रुपये हैं। बांग्लादेश के वैज्ञानिकों के एक दल ने देश और दुनिया में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए आनन-फानन में मेहनत कर यह किट तैयार किया है। इस किट को तैयार करने वाले वैज्ञानिकों का दावा है कि यह किट 15 मिनट में परिणाम बता देगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि तीन डॉलर वाले किट के ज्यादा उत्पादन होने पर लागत और कम हो जाएगी।
किट की गुणवत्ता पर संशय के बावजूद वहां की सरकार ने इसके ज्यादा उत्पादन की अनुमति दे दी है। सरकार का मानना है कि कमसे कम इसके उपलब्ध होने से सीमित जांच सुविधा की परेशानी झेल रहे स्वास्थ्यकर्मियों को कुछ तो राहत मिलेगी। चीन में जो किट तैयार हुआ है, उसे दुनिया के कई देश मंगा रहे हैं, लेकिन चीन के आश्वासन के बाद भी बांग्लादेश को कोरोना से लड़ने की मदद पहले भारत से ही मिली। इसलिए बांग्लादेश अपने पड़ोसी भारत से हर जानकारी साझा भी कर रहा है।
कैसे काम करेगा किट
इस किट के बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि यह शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले श्वेत रक्त कणों की स्थिति का अध्ययन करता है। यह पता किया जाता है कि क्या शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए श्वेत रक्त कण प्रतिरोधक तैयार कर रहे हैं! इससे तुरंत ही रिपोर्ट पाना आसान है।