ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का नया रूप अब कई देशों में फैल चुका है और इसमें दक्षिण कोरिया भी अब शामिल हो गया है। यहां लंदन से लौटे तीन नागरिकों में कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है। कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी के मुताबिक, 22 दिसंबर को लंदन से तीन नागरिक दक्षिण कोरिया लौटे हैं और उनमें कोरोना के नए वैरिएंट की पुष्टि हुई है। दरअसल, कोरोना के इस नए स्ट्रेन को विशेषज्ञों ने 70 फीसदी अधिक संक्रामक और घातक भी बताया है। हाल ही में विशेषज्ञों ने ये चेतावनी दी थी कि यह नया वायरस बच्चों और युवाओं को ज्यादा अपना शिकार बना रहा है।
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कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी के मुताबिक, रविवार रात तक दक्षिण कोरिया में कोरोना के 808 नए मामलों की पुष्टि हुई है। हालांकि इसे यहां अब तक का सबसे कम आंकड़ा बताया जा रहा है। इससे पहले बीते शुक्रवार को यहां कोरोना के 1,241 मामले सामने आए थे।
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एजेंसी के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में कोरोना के मामलों में आई गिरावट की वजह कम टेस्टिंग को माना जा रहा है, क्योंकि बीच में क्रिसमस की वजह से लोग छुट्टियों पर थे। इसलिए फिलहाल यहां सभी लोगों से सुरक्षित शारीरिक दूरी अपनाने और मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन करने को कहा गया है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान में अब ज्यादा समय नहीं है। इस देश ने अपने एक करोड़ 60 लाख नागरिकों के लिए कोरोना वैक्सीन खरीदने की खातिर फाइजर और जॉनसन एंड जॉनसन की जेनसेन के साथ समझौता किया है।
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योनहाप समाचार एजेंसी के मुताबिक, दक्षिण कोरिया अपने एक करोड़ नागरिकों के लिए फाइजर की वैक्सीन और 60 लाख नागरिकों के लिए जेनसेन कंपनी से कोरोना की वैक्सीन खरीदेगा। हालांकि दक्षिण कोरिया में अन्य कई देशों के मुकाबले कोरोना संक्रमण के मामले ज्यादा नहीं हैं। यहां अब तक 57 हजार के आसपास लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं जबकि 800 के करीब लोगों की मौत हुई है, लेकिन फिर भी इस महामारी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए वैक्सीन की जरूरत तो है ही।