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Coronavirus: अधिक धूम्रपान करने वालों की कोरोना से मौत की संभावना 89 फीसदी अधिक, नए शोध में खुलासा

Tue, 26 Jan 2021 05:15 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Tue, 26 Jan 2021 05:15 PM IST
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Heavy smokers 89% more likely to die with coronavirus, study suggests
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

धूम्रपान को वैसे ही सेहत के लिए काफी खतरनाक माना गया है, क्योंकि ऐसा करना फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है और अब शोधकर्ताओं का कहना है कि अधिक धूम्रपान करने वालों के कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने की संभावना 89 फीसदी अधिक होती है। दरअसल, महामारी की शुरुआत में, ब्रिटेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार प्रोफेसर क्रिस व्हिट्टी ने जोर देकर कहा था कि 'अगर आप धूम्रपान छोड़ने जा रहे हैं, तो यही सबसे अच्छा मौका है।' इसके अलावा वहां के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने भी चेतावनी दी थी कि 'पहले हुए शोधों में यह स्पष्ट हो चुका है कि धूम्रपान कोरोना वायरस के प्रभाव को बदतर बना देता है।' 

Heavy smokers 89% more likely to die with coronavirus, study suggests
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोध के लिए ओहियो और फ्लोरिडा के द क्लीवलैंड क्लिनिक के चिकित्सकों ने 7,000 से अधिक कोरोना वायरस मरीजों का विश्लेषण किया, जिसमें यह सामने आया कि 30 से अधिक सालों तक धूम्रपान करने वाले मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संभावना उन मरीजों की अपेक्षा दोगुनी थी, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया। साथ ही इस शोध से यह भी पता चला कि अधिक धूम्रपान करने वालों की कोरोना से मौत होने की संभावना 89 फीसदी अधिक थी। 

Heavy smokers 89% more likely to die with coronavirus, study suggests
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

इससे पहले फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे 102 मरीजों पर भी एक छोटा सा अध्ययन किया गया था, जिसमें यह पता चला था कि जिन लोगों ने 30 साल तक धूम्रपान किया, उनमें 20 साल तक ऐसा करने वालों की तुलना में कोरोना वायरस के परिणाम बेहद ही खराब थे। 

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Heavy smokers 89% more likely to die with coronavirus, study suggests
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

धूम्रपान से लोगों को कैंसर, दिल के दौरे और फेफड़े की बीमारी का काफी खतरा बढ़ जाता है। इन विकारों को अधिक गंभीर कोरोना वायरस जटिलताओं से जोड़ा गया है। विशेषज्ञ कहते हैं कि धूम्रपान प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रभावित करता है, जिससे संक्रमण से लड़ना कठिन हो जाता है। गंभीर मामलों में, कोरोना वायरस श्वसन पथ से फेफड़ों में वायु थैली (एयर सैक्स) तक फैल सकता है, जहां गैस का आदान-प्रदान होता है। इससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

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Heavy smokers 89% more likely to die with coronavirus, study suggests
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

हालांकि हाल ही में अखिल भारतीय सीरो सर्वे की एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें यह कहा गया था कि धूम्रपान करने वालों और शाकाहारी लोगों में कम सीरो पॉजिटिविटी पाई गई है, जो यह दर्शाता है कि उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा कम होता है। यह अध्ययन 10,427 लोगों पर किया गया था। इस सर्वे में यह भी पाया गया था कि 'ओ' ब्लड ग्रुप वाले लोग संक्रमण के लिए कम संवेदनशील हो सकते हैं, जबकि 'बी' और 'एबी' ब्लड ग्रुप वाले लोग अधिक खतरे में थे।

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