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Coronavirus: पांच महीने के अंदर कोरोना से ठीक हो चुके आठ में से एक मरीज की हुई मौत, शोध में खुलासा

Wed, 20 Jan 2021 02:09 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Wed, 20 Jan 2021 02:09 PM IST
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Coronavirus new study says 1 in 8 recovered covid 19 patients die within five months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

आमतौर पर ऐसा माना जा रहा है कि जो लोग कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, उनके गंभीर रूप से बीमार पड़ने या अस्पताल में भर्ती होने की संभावना काफी कम हो जाती है, लेकिन ब्रिटेन में किए गए एक नए अध्ययन में यह पाया गया कि कोविड-19 से ठीक होने वाले लगभग एक तिहाई रोगियों को पांच महीनों के भीतर फिर से अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ गई और आठ में से एक मरीज ने वायरस की जटिलताओं के कारण अपनी जान गंवा दी। अध्ययन के मुताबिक, अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले 47,780 रोगियों में से 29.4 फीसदी को 140 दिनों के भीतर अस्पताल में फिर से भर्ती कराना पड़ा, जिसमें से 12.3 फीसदी की मौत हो गई। 

Coronavirus new study says 1 in 8 recovered covid 19 patients die within five months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

अध्ययन के परिणाम मूल रूप से ब्रिटेन के एक समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' में प्रकाशित किए गए थे। कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि कोविड-19 का शरीर के कई अंगों पर विनाशकारी और लंबे समय तक प्रभाव रहता है। इनमें हृदय संबंधी समस्याएं, लिवर की समस्याएं और किडनी की विफलता सबसे आम हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्भाग्य से ये जटिलताएं 70 से कम उम्र के लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती हैं। 

Coronavirus new study says 1 in 8 recovered covid 19 patients die within five months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

लगभग सभी कोरोना मरीजों में दीर्घकालिक श्वसन रोग पाया गया है, जिनमें से अधिकांश पहले से ऐसी किसी भी समस्या से ग्रसित नहीं थे। चीन में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि लगभग तीन-चौथाई मरीज जो संक्रमण से ठीक हो जाते हैं, उनमें छह महीने बाद तक उसके लक्षण दिखाई देते रहते हैं। अध्ययन ने यह भी चेतावनी दी गई है कि उस समय की अवधि में, एंटीबॉडी का स्तर नाटकीय रूप से गिर जाता है, जिससे मरीजों के फिर से संक्रमित होने का खतरा होता है।

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Coronavirus new study says 1 in 8 recovered covid 19 patients die within five months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चीन के वुहान में किए गए उस अध्ययन को द लैंसेट नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इसमें यह पाया गया कि 76 फीसदी लोग जो कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती थे, उनके ठीक होने के छह महीने बाद भी कम से कम एक लक्षण मौजूद था। दरअसल, वुहान में ही सबसे पहले कोविड-19 वायरस से संक्रमण की पुष्टि हुई थी। 

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Coronavirus new study says 1 in 8 recovered covid 19 patients die within five months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

इस अध्ययन में 1,733 लोगों को शामिल किया गया था, जो चीन के वुहान में कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे और जून से सितंबर 2020 तक उनकी रिकवरी पर नजर रखी गई। द लैंसेट स्टडी के मुताबिक, जिन व्यक्तियों ने अध्ययन में भाग लिया, उनमें से 63 फीसदी ने थकान और मांसपेशियों में दर्द के लक्षणों को बताया, इसके साथ ही उनको चिंता, अवसाद, दर्द और नींद की समस्याएं भी थीं। इसके अलावा जो लोग संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार पड़े थे, उनमें सांस संबंधी समस्याएं बरकरार थीं और उनकी किडनी को भी कुछ नुकसान पहुंचा था। 

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