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कोरोना वायरस म्यूटेशन बढ़ा रहा संक्रमण, क्या नया स्ट्रेन है ज्यादा खतरनाक? जांच में लगे चिली के वैज्ञानिक

Wed, 14 Oct 2020 12:57 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Wed, 14 Oct 2020 12:57 AM IST
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Coronavirus mutation: new Sars cov 2 strain may more fatal in Chile, south america
Coronavirus - फोटो : iStock

कोरोना वायरस के म्यूटेशन यानी रूप बदलने को लेकर अबतक कई तरह कीे शोध अध्ययन हो चुके हैं। कोरोना का रूप बदलना इससे जारी जंग में चुनौती की तरह है। हाल ही में दक्षिणी अमेरिकी देश चिली में वायरस के म्यूटेशन का मामला सामने आया है। वैज्ञानिक दक्षिणी पेटागोनिया में कोरोना वायरस के संभावित म्यूटेशन की जांच करने में लगे हैं। मैगलेन के सुदूर क्षेत्र में देश की आबादी का केवल एक फीसदी हिस्सा रहता है, लेकिन चिली के कुल कोरोना संक्रमण मामलों का 20 फीसदी केवल यहीं से है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह कोरोना वायरस के म्यूटेशन का संकेत देता है। ऐसे म्यूटेशन अन्य जगहों पर भी देखे गए हैं। हालांकि शोधकर्ताओं ने अबतक यह नहीं समझा है कि इंसानों पर इसका प्रभाव कितना खतरनाक है। 

Coronavirus mutation: new Sars cov 2 strain may more fatal in Chile, south america
Coronavirus - फोटो : Pixabay

चिली की राजधानी सैंटियागो से अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते की शुरुआत तक मैगलन में राजधानी के बराबर ही कोविड पॉजिटिव मामले हैं। जबकि मैगलन सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला क्षेत्र है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए वायरस के नए स्ट्रेन ही केवल कारण नहीं हो सकता। मौसम में बदलाव सहित इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। चिली से बाहर हुए शोध अध्ययनों ने भी इस तरह के संकेत दिए हैं। 

Coronavirus mutation: new Sars cov 2 strain may more fatal in Chile, south america
Coronavirus - फोटो : Pixabay

अमेरिका के ह्यूस्टन में संक्रमण की दो लहरों के दोरान कोरोना वायरस की संरचना का विश्लेषण करने वाले एक अध्ययन में पाया गया है कि कोरोना वायरस के हाल के नमूने संक्रमण फैलाने में पहले की तुलना में अधिक हावी हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि म्यूटेशन वायरस को अधिक संक्रामक बना सकता है। हालांकि जरूरी नहीं कि यह अधिक घातक हो और न ही वे संभावित टीके के असर पर प्रभावी हो सकते हैं। 

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Coronavirus mutation: new Sars cov 2 strain may more fatal in Chile, south america
Coronavirus - फोटो : Pixabay/Amar Ujala

मैगलन विश्वविद्यालय के मार्सेलो नवरेट ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा है संक्रमण के फैलने की तेज रफ्तार के पीछे ठंड और हवा जैसे कारक भी हो सकते हैं। चिली के वैज्ञानिक यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि कोरोना का नया स्ट्रेन क्या पूर्व के स्ट्रेन की तुलना में ज्यादा खतरनाक है। अगर ऐसा होता है तो यह ज्यादा चिंताजनक स्थिति होगी।

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Coronavirus mutation: new Sars cov 2 strain may more fatal in Chile, south america
Coronavirus Test - फोटो : पीटीआई

मालूम हो कि दुनियाभर में अबतक कोरोना संक्रमण के 3.82 करोड़ से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 10.88 लाख पार कर चुका है। मंगलवार शाम तक दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के 84.33 लाख से ज्यादा सक्रिय मामले थे। कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए वैक्सीन बहुत जरूरी है। बता दें विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में एक कारगर और सुरक्षित वैक्सीन उपलब्ध होने की उम्मीद है। 

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