दुनियाभर में कोरोना वायरस काफी तेजी से फैल रहा है। अब तक इससे तीन करोड़ 12 लाख से भी ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि नौ लाख 65 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी दुनिया में संक्रमित हुए लोगों में एक चौथाई से भी ज्यादा तो भारत में ही हैं। यहां 54 लाख 91 हजार से भी अधिक लोग अब तक संक्रमित हो चुके हैं जबकि मरने वालों का आंकड़ा 87 हजार के पार हो चुका है। कई वैज्ञानिक इस वायरस के तेजी से फैलने के पीछे इसके म्यूटेशन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका मानना है कि जब से कोविड-19 दुनिया में आया है, तब से लेकर अब तक वह कई रूप ले चुका है, जिसकी वजह से इसका इलाज ढूंढने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब भारत में इसका म्यूटेशन हो रहा है या नहीं, आइए इस बारे में विशेषज्ञ से जानते हैं।
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Coronavirus: क्या भारत में भी म्यूटेट हो रहा है खतरनाक कोरोना वायरस? जानिए विशेषज्ञ की राय
Tue, 22 Sep 2020 11:45 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 22 Sep 2020 11:45 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कई लोग जिन्हें खांसी, जुकाम नहीं है, वे मास्क हटाकर बात करते हैं, यह कितना सुरक्षित है?
- दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉ. नीरज गुप्ता बताते हैं, 'ऐसा नहीं है कि वायरस केवल खांसने, छींकने या जुकाम होने पर ही फैले। संक्रमित व्यक्ति चाहे लक्षण वाला हो या बिना लक्षण वाला, उसके बोलने, गाना गाने, हंसने, रोने से भी वायरस मुंह के जरिए बाहर निकल आता है। अब कितनी तेजी से वायरस दूसरे व्यक्ति तक पहुंचेगा और उसे संक्रमित करेगा, यह वायरस की गति पर निर्भर करता है। अगर दोनों ने मास्क लगाया है तो संक्रमण की संभावना मात्र 1.5 प्रतिशत रह जाती है। अगर दोनों ने कॉटन के मास्क के साथ करीब 6 गज की दूरी बनाए रखी है तो संक्रमण की आशंका न के बराबर हो जाती है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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लंदन के एक शोध के मुताबिक वायरस म्यूटेट हो रहा है, क्या हमारे देश में भी ऐसा हो रहा है?
- डॉ. नीरज गुप्ता के मुताबिक, 'वायरस के स्वरूप बदलने की पहले से ही उम्मीद थी। चीन के वुहान से निकल कर जब वायरस इटली तक पहुंचा तो अन्य यूरोपीय देशों के मुकाबले वहां यह काफी घातक था। ऐसे ही अमेरिका और भारत में वायरस में फर्क माना जा रहा था। ऐसा पाया गया है कि भारत में कोरोना वायरस के चार मुख्य वायरस हैं और 23-24 म्यूटेट वायरस मिल चुके हैं।'
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कोमोरबिडिटी वाले मरीज ज्यादा भयभीत हैं और तनाव में हैं, उन्हें क्या सलाह है?
- डॉ. नीरज गुप्ता कहते हैं, 'ऐसे लोग सबसे ज्यादा इसलिए डर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पहले से कोई बीमारी है, लेकिन ऐसा नहीं है कि कोमोरबिडिटी वालों को ही वायरस हो रहा है बल्कि अगर किसी को डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी है और वो सामान्य है तो कोई परेशानी नहीं है। दवाई लेते रहें और तनाव न लें। वायरस से बचने के नियमों का पालन करेंगे तो वायरस से सुरक्षित रहेंगे।'
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अक्सर लोग मास्क को फेंक देते हैं, इसे कैसे डिस्पोज करें?
- डॉ. नीरज गुप्ता बताते हैं, 'मास्क जीवनशैली का अंग है, अगर कोई नहीं पहनता है और आपके कहने पर नाराज होता है तो उन्हें समझाइए कि ये सिर्फ आपकी नहीं बल्कि उनकी भी सुरक्षा का सवाल है। कॉटन के मास्क को साफ करने के लिए साबुन पानी से धोकर सुखा लें। अगर एन-95 मास्क है तो उसे एक दिन इस्तेमाल करने के बाद चार दिन बाद दोबारा लगा सकते हैं। डिस्पोजेबल मास्क को अस्पताल आदि में अलग-अलग तरह से नष्ट किया जाता है। अब अगर आम आदमी डिस्पोजेबल मास्क लगाए हैं तो उसे सड़क पर ऐसे न फेंके, बल्कि पेपर में 72 घंटे लपेटकर रखने के बाद उसे नष्ट कर दें या कूड़ेदान में फेंक दें।'