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Coronavirus: 48 हजार जीनोम के विश्लेषण के बाद हुआ ये बड़ा खुलासा, वैक्सीन बनाने में मिलेगी मदद

Tue, 04 Aug 2020 02:16 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Tue, 04 Aug 2020 02:16 PM IST
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Coronavirus genome analysis research reveal about sars cov 2 strains Scientist may get Covid vaccine big breakthrough
Coronavirus New Research - फोटो : Pixabay/Amar Ujala

कोरोना वायरस का म्यूटेशन यानी रूप बदलने को लेकर पिछले कुछ महीनों में कई सारे अध्ययन हो चुके हैं। इस बदलाव को वैज्ञानिक कोरोना से जंग में बड़ी चुनौती मानकर चल रहे थे। हालांकि कोरोना वायरस के स्ट्रेन को लेकर हुई नई स्टडी ने इस चिंता को कम किया है। इस नई स्टडी के अनुसार इस बीमारी को फैलाने वाले कोरोना वायरस (Sars Cov 2) के कम से कम छह प्रकार (स्ट्रेन) होने के बावजूद भी यह बहुत कम परिवर्तनशीलता प्रदर्शित करता है यानी कि इनमें बहुत कम बदलाव देखा गया है। कोरोना की वैक्सीन पर काम कर रहे वैज्ञानिकों के लिए यह खबर अच्छी हो सकती है। 

Coronavirus genome analysis research reveal about sars cov 2 strains Scientist may get Covid vaccine big breakthrough
Coronavirus - फोटो : Pixabay
  • पत्रिका ‘फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायलॉजी’ में प्रकाशित इस स्टडी को सार्स-सीओवी-2 पर अब तक का सबसे गहन अध्ययन बताया जा रहा है। इस अध्ययन में कोरोना वायरस के 48,635 जीनोम का विश्लेषण किया गया है। इन जीनोम को दुनियाभर में अनुसंधानकर्ताओं ने प्रयोगशालाओं से प्राप्त किया।
Coronavirus genome analysis research reveal about sars cov 2 strains Scientist may get Covid vaccine big breakthrough
Coronavirus - फोटो : iStock
  • इटली के बोलोना विश्ववविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने वायरस के सभी महाद्वीपों में फैलने के दौरान इसके फैलाव और म्यूटेशन यानी उत्परिवर्तन की मैपिंग की। अध्ययन के निष्कर्ष में सामने आया कि नोवेल कोरोना वायरस बहुत कम परिवर्तनशीलता (वैरिएबिलबटी), प्रति नमूने करीब सात उत्परिवर्तन प्रदर्शित करता है।
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Coronavirus genome analysis research reveal about sars cov 2 strains Scientist may get Covid vaccine big breakthrough
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार सामान्य इन्फ्लुएंजा में परिवर्तनशीलता की दर दुगुने से अधिक होती है। बोलोना विश्ववविद्यालय के अनुसंधानकर्ता फेडेरिको गियोर्जी ने कहा, "सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस संभवत: पहले ही मानव जाति को प्रभावित करने के स्तर पर पहुंच चुका है और यह उसके विकास क्रम में बहुत कम बदलाव को इंगित करता है।"
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Coronavirus genome analysis research reveal about sars cov 2 strains Scientist may get Covid vaccine big breakthrough
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
  • गियोर्जी ने कहा, "इसका आशय हुआ कि हम इसके खिलाफ कोई टीका समेत अन्य जो भी उपचार तरीके विकसित कर रहे हैं, वे सभी तरह के वायरस के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं।"  अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि इस समय नोवेल कोरोना वायरस के छह प्रकार सामने आए हैं।
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