बॉलीवुड एक्टर रहे सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में कई दिनों से जांच चल रही है। इस बीच नए-नए दावे और नई-नई बातें निकलकर सामने आ रही हैं। हाल ही में मुंबई पुलिस ने डॉक्टरों के हवाले से यह बताया कि जांच में पता चला है कि सुशांत सिंह राजपूत को बाइपोलर डिसऑर्डर था। इसके लिए उनका इलाज भी चल रहा था और वो दवाइयां ले रहे थे। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर क्या है ये बाइपोलर डिसऑर्डर? क्या ये कोई गंभीर बीमारी है? आइए जानते हैं इसके बारे में और साथ ही इसके लक्षणों के बारे में भी और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
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क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डर, सुशांत सिंह राजपूत को लेकर हो रही इस बीमारी की चर्चा
Tue, 04 Aug 2020 12:18 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 04 Aug 2020 12:18 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर (गोले में सुशांत सिंह राजपूत)
- फोटो : Pixabay/Social media
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डर?
- यह एक प्रकार की मानसिक बीमारी है, जिसे मैनिक डिप्रेशन भी कहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का मन लगातार कई हफ्तों तक या महीनों तक या तो बहुत उदास या फिर बहुत ही अधिक खुश रहता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह बीमारी लगभग 100 में से एक व्यक्ति को जीवन में कभी ना कभी होती ही है। वैसे तो इस बीमारी की शुरुआत अक्सर 14 साल से 19 साल के बीच होती है और 40 की उम्र तक इसके ज्यादा होने की संभावना होती है। 40 की उम्र के बाद बहुत कम ही इस बीमारी की शुरुआत होती है। ऐसा नहीं है कि यह बीमारी सिर्फ पुरुषों को ही होती है बल्कि यह पुरुष और महिलाएं दोनों को समान रूप से प्रभावित करता है।
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- फोटो : Pixabay
इस बीमारी के दो रूप हैं
- बाइपोलर डिसऑर्डर डिप्रेशन और मैनिया का साझा रूप है। डिप्रेशन का मतलब है कि व्यक्ति पर निराशा हावी होने लगती है। उसे हर चीज में नकरात्मकता ही दिखती है और लगता है कि अब इस दुनिया में उसके लिए कुछ है ही नहीं। वही मैनिया में व्यक्ति के मन में ऊंचे-ऊंचे विचार आने लगते हैं। वह बड़ी-बड़ी बातें करने लगता है। वह खुद को किसी राजा-महाराजा से कम नहीं समझता।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
इस बीमारी का कारण क्या है?
- यह बीमारी मुख्य रूप से किस कारण से होती है, यह बता पाना तो मुश्किल है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक मानसिक तनाव इस बीमारी की शुरुआत कर सकता है और यह मानसिक तनाव किसी भी वजह से आ सकता है, जैसे कि 'किसी शारीरिक रोग की वजह से'।
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- फोटो : Pixabay
इस बीमारी के लक्षण क्या-क्या हैं?
- अब जैसा कि ऊपर बताया गया है कि इस बीमारी के दो रूप होते हैं, डिप्रेशन और मैनिया। ऐसे में इसके लक्षण भी अलग-अलग होते हैं। डिप्रेशन में व्यक्ति के मन में अत्यधिक उदासी, निराशा, किसी काम में मन नहीं लगना, चिड़चिड़ापन, घबराहट, शरीर में ऊर्जा की कमी, अपने आप से नफरत, नींद की कमी और आत्मविश्वास की कमी लगातार बनी रहती है। वही मैनिया से ग्रसित मरीज का सबसे बड़ा लक्षण ये है कि वह अपने आपको बहुत बड़ा आदमी समझने लगता है यानी उसका वास्तविकता से संबंध ही टूट जाता है। ऐसे मरीज को बिना किसी वजह के कानों में आवाजें आने लगती हैं। साथ ही उसकी नींद और भूख भी कम हो जाती है।