कोरोना वायरस किसी को भी संक्रमित कर सकता है, लेकिन उन लोगों को इससे ज्यादा खतरा है जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है या जो उम्रदराज हैं। द लांसेट जर्नल के एक अध्ययन के मुताबिक जो लोग उम्रदराज हैं या जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियां हैं उनकी कोरोना वायरस से जान जाने का ज्यादा खतरा है।
Coronavirus से डायबिटीज और अस्थमा के मरीजों को कितना खतरा? धूम्रपान करने वाले क्या करें?
191 मरीजों की उम्र 18 से 87 साल तक थी। ज्यादातर मरीज पुरुष थे। इस अध्ययन में गंभीर बीमारी और मौत से जुड़े खतरों की जांच की गई थी। जिन मरीजों की मौत हुई उसके प्रमुख कारणों में था कि उम्रदराज मरीज़ों में अस्पताल में भर्ती होते समय सेप्सिस के लक्षण थे। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियां थीं।
हालांकि, शोधकर्ताओं को लगता है कि सैंपल साइज छोटा होने के कारण उनके निष्कर्षों की व्याख्या सीमित हो सकती है।
भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या बहुत है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के मुताबिक भारत में 2019 तक डायबिटीज के मरीजों की संख्या 7।7 करोड़ थी। कोरोना वायरस से संक्रमित कई लोगों को डायबिटीज भी बताई जा रही है। हालांकि, ऐसे कितने मरीज हैं इसका आँकड़ा उपलब्ध नहीं है।
ग्लोबल अस्थमा रिपोर्ट 2018 के मुताबिक भारत में 1।31 अरब लोगों को अस्थमा है जिनमें 6 प्रतिशत बच्चे और दो प्रतिशत वयस्क शामिल हैं। ऐसे में अगर आपको लंबे समय से कोई बीमारी है और कोरोना वायरस को लेकर डर है तो विशेषज्ञ बता रहे हैं कि आप क्या कर सकते हैं।
किसे है ज्यादा खतरा
अगर आपको पहले से कोई बीमारी है तो ये जरूरी नहीं कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण दूसरों के मुकाबले जल्दी हो जाए लेकिन संक्रमण के बाद हालात अन्य मरीजों से ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। ये देखा गया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बूढ़ों और पहले से ही सांस की बीमारी (अस्थमा) से परेशान लोगों, कमजोर प्रतिरक्षण प्रणाली, मधुमेह और हृदय रोग जैसी परेशानियों का सामना करने वालों के गंभीर रूप से बीमार होने की आशंका अधिक होती है।
कई लोगों कुछ दिनों के आराम के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो जाते हैं। कई लोगों के लिए ये ज्यादा गंभीर हो सकता है और दुर्लभ मामलों में तो इससे जान को खतरा हो सकता है। इसके लक्षण अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते हैं। जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ।
अस्थमा होने पर क्या करें
जिन लोगों को अस्थमा है वो डॉक्टर द्वारा बताया गया अपना इनहेलर लेते रहें। इससे किसी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा दौरे का खतरा कम हो जाएगा।
अपना इनहेलर हर दिन साथ रखें। अगर आपका अस्थमा बढ़ रहा है तो ये खतरा हो सकता है कि आपको कोरोना वायरस है। ऐसे में हेल्पलाइन नंबर से संपर्क करें।