देश की राजधानी दिल्ली कोरोना वायरस से हर्ड इम्यूनिटी की ओर बढ़ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़े कहते हैं कि दिल्ली में केवल 6.33 लाख लोग ही कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक हाल ही में हुआ सीरो सर्वे बताता है कि यहां संक्रमण का कुल आंकड़ा एक करोड़ से भी अधिक हो सकता है। दरअसल, बीते रविवार को दिल्ली के पांचवें सीरो सर्वे का परिणाम सामने आया है, जिसमें 50 फीसदी लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं, यानी ये लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए और फिर ठीक होने के बाद उनके शरीर में इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो गई हैं।
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Coronavirus: दिल्ली में जल्द विकसित हो सकती है हर्ड इम्यूनिटी, जानिए इससे क्या फायदा
Tue, 26 Jan 2021 03:21 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Tue, 26 Jan 2021 03:21 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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- फोटो : iStock
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पांचवें सीरो सर्वे के तहत दिल्ली के 11 जिलों में 28 हजार लोगों के सैंपल लिए गए थे जिनमें से करीब 50 फीसदी यानी 14 हजार लोगों में कोरोना संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गई हैं। यहां एक जिला तो ऐसा है, जहां करीब 60 फीसदी लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी मिली हैं। निश्चित तौर पर सीरो सर्वे के इस परिणाम से दिल्ली में हर्ड इम्यूनिटी के संकेत मिलते हैं।
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क्या है हर्ड इम्यूनिटी?
- अगर कोई बीमारी किसी जनसंख्या के एक बड़े हिस्से में फैल जाती है और लोग उससे ठीक भी हो जाते हैं, तो उनके शरीर में उस बीमारी के खिलाफ प्रतिरक्षात्मक गुण विकसित हो जाते हैं। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बीमारी को बढ़ने से रोकने में मदद करती है। इसी को हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं।
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हर्ड इम्यूनिटी पाने के लिए कितने लोगों का संक्रमित होना जरूरी?
- आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि हर्ड इम्यूनिटी के स्तर तक पहुंचने के लिए 70 से 90 फीसदी आबादी का इम्यून होना जरूरी होता है, यानी उनमें बीमारी के खिलाफ प्रतिरक्षात्मक गुण होने चाहिए। वहीं, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक, हर्ड इम्यूनिटी के स्तर तक पहुंचने के लिए किसी आबादी के करीब 80 फीसदी लोगों के इम्यून होने की जरूरत होती है।
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वैक्सीन की मदद से भी विकसित हो सकती है हर्ड इम्यूनिटी
- टीकाकरण के माध्यम से भी हर्ड इम्यूनिटी हासिल की जा सकती है, जिसकी कोशिश हो रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में अब तक 16 लाख से भी अधिक लोगों को टीका लगाया जा चुका है। जुलाई तक करीब 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने की सरकार की योजना है।