फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Coronavirus: हवा में भी मौजूद हो सकता है कोरोना वायरस, नई स्टडी में फिर सामने आई यह बात

Fri, 03 Apr 2020 10:09 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Fri, 03 Apr 2020 10:09 AM IST
विज्ञापन
Coronavirus can Spread by Air and droplets Covid 19 research says PPE is needful to doctors

कोरोना वायरस संक्रमण फैलने को लेकर शुरुआत से यही कहा जा रहा है कि यह सामान्यत: हवा के माध्यम से नहीं फैलता, बल्कि संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने के दौरान निकले ड्रॉपलेट्स से फैल सकता है। ये ड्रॉपलेट्स यानी द्रव कण हवा के साथ सामने वाले व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। अब एक नई स्टडी में फिर से इस बात की पुष्टि हुई है कि यह वायरस हवा में भी घूमता हुआ मौजूद हो सकता है। जिस कमरे में कोरोना संक्रमित व्यक्ति ठहरा हो, उसके जाने के बाद भी हवा में कोरोना वायरस मौजूद हो सकते हैं। आइए जानते हैं और क्या कुछ सामने आया इस स्टडी में: 

Coronavirus can Spread by Air and droplets Covid 19 research says PPE is needful to doctors

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस की हवा में मौजूदगी को लेकर अमेरिका की नेब्रास्का यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह स्टडी की। इसमें इस बात की पुष्टि हुई है कि मरीज के कमरे से जाने के बाद भी कमरे की हवा में वायरस की मौजूदगी हो सकती है। मरीज के जाने के कई घंटे बाद भी कमरे के वातावरण में काफी मात्रा में वायरस हो सकता है। 

Coronavirus can Spread by Air and droplets Covid 19 research says PPE is needful to doctors

शोधकर्ताओं का कहना है कि अस्पताल के जिस वार्ड में या कमरे में कोरोना के मरीज रह रहे हैं, उसके आसपास, कॉरिडोर वगैरह की हवा में भी वायरस हो सकते हैं। इस स्टडी में बताया गया है कि कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को वायरस से बचने के लिए प्रोटेक्टिव शूट, मास्क, दस्ताने वगैरह कितने जरूरी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Coronavirus can Spread by Air and droplets Covid 19 research says PPE is needful to doctors

नेब्रास्का यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस स्टडी में उन्होंने 11 मरीजों के कमरों को सैंपल के तौर पर लिया था और पाया कि इन कमरों के भीतर और बाहर की हवा में कोरोना वायरस मौजूद हैं। इस स्टडी को लीड करने वाले संक्रमित रोग विशेषज्ञ और जेम्स लॉलर का कहना था कि हमें जो रिजल्ट मिला है, वह हमारे संदेह की पुष्टि करते हैं। 

विज्ञापन
Coronavirus can Spread by Air and droplets Covid 19 research says PPE is needful to doctors

जेम्स लॉलर का कहना था कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के कमरे में निगेटिव एयरफ्लो होना जरूरी है। भले ही मरीजों की संख्या कितनी ही अधिक ही क्यों न हो, यह जरूरी है। हालांकि चिकित्सा विशेषज्ञ फिलहाल कोई ऐसा आंकड़ा नहीं दे पाए हैं कि अबतक संक्रमित लोगों में से कितने मरीज हवा, ड्रॉपलेट्स, संक्रमित सतह या फिर संक्रमित के संपर्क में आने से इस वायरस की चपेट में आए। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed