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कोरोना वायरस: 3.65 लाख लोगों पर शोध में खुलासा- बिना लक्षण वाले मरीजों में जल्दी खत्म हो रही एंटीबॉडी

Wed, 28 Oct 2020 12:35 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Wed, 28 Oct 2020 12:35 PM IST
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Coronavirus: asymptomatic patients may loss antibodies earlier than symptomatic against covid 19
कोरोना वायरस संक्रमण(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच कई तरह के शोध अध्ययन सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों कोरोना के खिलाफ शरीर में विकसित होने वाली एंटीबॉडी के खत्म होने और दोबारा संक्रमण के मामलों ने चिंता बढ़ाई है। इसी कड़ी में लंदन में हुए एक शोध अध्ययन में ऐसी ही चिंता बढ़ाने वाली जानकारी सामने आई है। इस अध्ययन के मुताबिक, लक्षण वाले कोरोना मरीजों की तुलना में बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों में एंटीबॉडीज जल्दी खत्म हो जाती है। ऐसे में उन मरीजों में दोबारा कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहता है। इंपीरियल कॉलेज लंदन और मार्केट रिसर्च फर्म इम्पोसिस मोरी ने यह शोध अध्ययन किया है। 

Coronavirus: asymptomatic patients may loss antibodies earlier than symptomatic against covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इस शोध अध्ययन में इंपीरियल कॉलेज और इम्पोसिस मोरी के शोधकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि 75 साल या उससे अधिक उम्र के मरीजों से 18-24 आयुवर्ग के मरीजों 'लॉस ऑफ एंटीबॉडीज' ज्यादा धीमी है। जून के मध्य से सितंबर के अंत तक इंग्लैंड में जुटाए गए लाखों मरीजों के सैंपल बताते हैं कि एंटीबॉडी वाले लोगों की संख्या लगभग तीन महीने में 26.5 फीसदी तक कम हो गई। इस अध्ययन में 20 जून से 28 सितंबर के बीच कोरोना वायरस एंटीबॉडीज के लिए घर पर तीन राउंड फिंगर प्रिक टेस्ट करवा चुके 3.65 लाख रैंडमली सेलेक्टेड वयस्कों को शामिल किया गया था।

Coronavirus: asymptomatic patients may loss antibodies earlier than symptomatic against covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि वायरस के प्रति लोगों में लॉन्ग टर्म एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को लेकर अभी भी बहुत कुछ सामने नहीं आ सका है। जेम्स बैथेल ने कहा कि यह शोध का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो समय के साथ कोविड-19 के खिलाफ विकसित होने वाली एंटीबॉडी की प्रकृति को समझने में मदद कर सकता है। इंपीरियल कॉलेज लंदन के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पॉल एलियट ने कहा, "अबतक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि शरीर में एंटीबॉडी का स्तर क्या रहता है और इम्यूनिटी कितने समय तक रहती है।" 

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Coronavirus: asymptomatic patients may loss antibodies earlier than symptomatic against covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

शोधकर्ताओं ने बताया कि तीन महीने के अंतराल में एंटीबॉडी वाले लोगों की संख्या 26.5 फीसदी तक कम हो गई। यानी देश में एंटीबॉडी वाली आबादी का अनुपात छह फीसदी से घटकर 4.4 फीसदी तक रह गया। एक प्रमुख लेखक हेलेन वॉर्ड ने बताया कि यह एक वृहद अध्ययन है, जिसके मुताबिक एंटीबॉडी वाले लोगों का अनुपात गिर रहा है।

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Coronavirus: asymptomatic patients may loss antibodies earlier than symptomatic against covid 19
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ता हेलेन वॉर्ड ने कहा, "हम प्रमाणिक तौर पर यह नहीं कह सकते हैं कि ऐसे लोग कोरोना के दोबारा संक्रमण का शिकार होंगे या नहीं, लेकिन सभी लोगों को लगातार तमाम सावधानियां बरतनी होगी। ताकि अपने साथ-साथ दूसरों के लिए भी संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। 

यह भी पढ़ें: महिला या पुरुष, किसमें ज्यादा बनती है एंटीबॉडीज?

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