राजधानी दिल्ली सहित देश के कई अन्य हिस्सों में इन दिनों कंजंक्टिवाइटिस या आई फ्लू की समस्या तेजी से बढ़ती हुई रिपोर्ट की जा रही है। बड़ी संख्या में लोग आंखों में दर्द, लालिमा, जलन और चुभन की शिकायत के साथ अस्पतालों में जा रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत में डॉक्टर ने बताया कि दिल्ली में पिछले दिनों तेज बारिश के कारण आई बाढ़ के चलते हालात इस तरह से बिगड़े हैं। सभी लोगों को इन दिनों सुरक्षात्मक रूप से बचाव के उपाय करते रहने की आवश्यकता है।
Eye Flu: क्या चंद्रयान-3 के कारण बढ़ रहा है आंखों में संक्रमण? जानिए कंजंक्टिवाइटिस से संबंधित मिथ्स-फैक्ट्स
मिथ- चंद्रयान-3 लॉन्च के कारण हो रहा है आंखों का संक्रमण?
इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में इस बात की चर्चा तेज है कि राजधानी में बढ़े आई फ्लू के मामलों के लिए चंद्रयान-3 लॉन्चिंग एक कारण हो सकता है। क्या वास्तव में इसका कोई संबंध है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कंजंक्टिवाइटिस वायरस या बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण है, यह संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने के कारण होती है। चंद्रयान-3 लॉन्चिंग से इसका कोई संबंध है ही नहीं। इस तरह की अफवाहों पर लोगों को बिल्कुल भरोसा नहीं करना चाहिए।
मिथ- कंजंक्टिवाइटिस, बेहद संक्रामक होती है।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि कंजंक्टिवाइटिस की समस्या संक्रामक होती है और संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से इसके फैलने का खतरा अधिक हो सकता है। पर यहां ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि कई प्रकार के आई फ्लू संक्रामक नहीं होते हैं। वायरल और बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस (स्टैफिलोकोकल या स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के कारण) बहुत संक्रामक होते हैं। दूसरी ओर एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस की संक्रामकता उतनी अधिक नहीं होती है।
मिथ- यदि आपकी आंखें लाल हैं, तो यह कंजंक्टिवाइटिस है।
कंजंक्टिवाइटिस की स्थिति में आंखों का लाल होना बहुत सामान्य है पर हर बार आंखें लाल होने का मतलब यह नहीं है कि आपको पिंक आइज की समस्या हो गई है। आंखों की कई और भी समस्याएं हैं जिनके कारण आपको आंखों में लालिमा का अनुभव हो सकता है। आंख की सतह पर चोट जैसे खरोंच या घाव, आंख में कुछ बाहरी चीज का पड़ जाना भी लालिमा और दर्द का कारण बन सकता है। इसकी पहचान बहुत जरूरी है।
मिथ- कंजंक्टिवाइटिस सिर्फ बच्चों को होती है।
लोगों में यह गलत धारण रही है कि कंजंक्टिवाइटिस का खतरा सिर्फ छोटे बच्चों में अधिक होता है। पर यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। वयस्कों सहित बुजुर्गों में भी इसकी दिक्कत देखी जाती रही है। संक्रामक कंजंक्टिवाइटिस आमतौर पर हाथ से आंखों के संपर्क के कारण होता है। सभी उम्र के लोगों को इससे बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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