दुनिया के तमाम देशों में कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट लोगों के लिए गंभीर मुसीबतों का कारण बनता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले 9 नवंबर को कोरोना के इस घातक वैरिएंट के संक्रमण के बारे में पता चला था, तब से अबतक यह कई देशों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इतना ही नहीं अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति का कारण बन चुका है। भारत की बात करें तो पिछले तीन दिनों में यहां भी तेजी से मामलों में इजाफा देखने को मिला है, यहां अब तक 20 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
ओमिक्रॉन संकट: कई देशों में कम्युनिटी स्प्रेड की स्थिति, जानिए क्यों इतनी तेजी से बढ़ रहा है संक्रमण?
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इस वजह से बढ़ा नए वैरिएंट का खतरा
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल वैक्सीनेशन को इसके गंभीर संक्रमण से बचाव के लिए सबसे उपयुक्त उपाय बताया जा रहा है। इस बीच वैक्सीनेशन प्रचारकों का कहना है कि कोरोना के पिछले लहर की रफ्तार के थमने के बाद लोगों की लापरवाही और दुनियाभर के लोगों को टीका लगाने में विफलता ने ओमिक्रॉन के लिए आदर्श प्रजनन स्थल बनाया है। अगर पहले ही नीतियों को सही ढंग से प्रयोग में लाया गया होता तो इस संकट को रोका जा सकता था।
कई देशों में कम्युनिटी स्प्रेड के हालात
ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में कोरोनावायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से अपना पैर फैला रहा है। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक यहां कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति बनने लगी है। सिडनी के क्लस्टर न्यू साउथ वेल्स में कम से कम 15 लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामलों की पहचान हुई है। एहतियात के तौर पर अंतरराष्ट्रीय यातायात के नियमों को सख्त करने का फैसला किया गया है।
ब्रिटेन में तेजी से बिगड़ रहे हैं हालात
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक ब्रिटेन में कोरोना के मामलों में एक दिन में ही 50 फीसदी से अधिक का उछाल देखने को मिला है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का यह नया वैरिएंट 23 से अधिक देशों में फैल चुका है। सभी सरकारों को जल्द से जल्द सख्त कदम उठाते हुए संक्रमण की रफ्तार को कम करने के प्रयास करने चाहिए।
डेल्टा से खतरनाक नहीं है ओमिक्रॉन?
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार, डॉ. एंथनी फौसी कहते हैं, ओमिक्रॉन की गंभीरता के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले वैज्ञानिकों को विस्तृत रूप से इसका अध्ययन करना आवश्यक है। कोरोना का यह वैरिएंट बहुत तेजी से देशभर में फैल रहा है, हालांकि इसके शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह डेल्टा से कम खतरनाक हो सकता है। फिलहाल ओमिक्रॉन के खतरे से बचे रहने के लिए लोगों को सभी आवश्यक उपायों का पालन करते रहना बहुत जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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