कैंसर का खतरा वैश्विक स्तर पर बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। कैंसर का जोखिम आनुवांशिक हो सकता है पर इसके साथ विशेषज्ञ लाइफस्टाइल और आहार संबंधित गड़बड़ी को भी इसका प्रमुख कारण मानते हैं। दुनियाभर में कैंसर के कारण साल 2020 में 10 मिलियन से अधिक लोगों की मौत हुई। भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां भी खतरा तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों को कैंसर को जोखिम से बचने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। दैनिक जीवन की कई आदतें जैसे धूम्रपान-शराब का सेवन, आहार की गड़बड़ी और कई अन्य कारणों से कैंसर का खतरा हो सकता है।
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पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा
प्रोस्टेट कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि में होता है। प्रोस्टेट, पुरुषों में अखरोट के आकार की एक छोटी ग्रंथि है जो वीर्य का उत्पादन करती है जो शुक्राणु को पोषण और परिवहन के लिए जिम्मेदार है। आनुवांशिकता के साथ मोटापा, लाइफस्टाइल की गड़बड़ी को इस कैंसर के कारक के तौर पर जाना जाता है। प्रोस्टेट कैंसर के अधिकतर मामलों में शुरुआती चरणों में कोई लक्षण नहीं नजर आते हैं। इसके बढ़ने के साथ पेशाब करने में परेशानी, पेशाब और वीर्य से खून आने, वजन घटने और नपुंसकता जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। अपने जोखिम कारकों के आधार पर इससे बचाव के उपाय किए जाने चाहिए।
प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम और बचाव के तरीके?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कुछ संभावित जोखिम कारकों पर ध्यान रखकर प्रोस्टेट कैंसर से बचाव किया जा सकता है। यदि आपमें मोटापे की समस्या है या फिर आप धूम्रपान-शराब का सेवन अधिक करते हैं तो अन्य लोगों की तुलना में आपमें इस कैंसर के विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। इसके अलावा रसायनों के संपर्क में रहने वाले, यौन संचारित संक्रमण के कारण भी आपमें इस कैंसर के विकसित होने का खतरा हो सकता है।
महिलाओं में स्तन कैंसर के जोखिम
स्तन में कोशिकाओं के बढ़ने और अनियंत्रित तरीके से विभाजित होने के कारण स्तन कैंसर हो सकता है। इसमें आपको स्तनों के ऊतक में गांठ महसूस हो सकती है जिसे ट्यूमर कहा जाता है। स्तन कैंसर के लक्षणों में आपके स्तन में एक गांठ महसूस होना, स्तन के आकार में बदलाव का अनुभव करना और स्तनों की त्वचा में परिवर्तन नजर आ सकती है। मैमोग्राम के माध्यम से इसका जल्दी पता लगाने में मदद मिलती है। 50 की आयु के बाद इस कैंसर के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है पर यह कम उम्र की महिलाओं में भी देखा जाता रहा है।
ब्रेस्ट कैंसर के कारण और बचाव के तरीके
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिनके परिवार में किसी को पहले इस प्रकार का कैंसर रह चुका है उनमें इसका खतरा अधिक होता है। इसके अलावा यदि आपमें मोटापे की समस्या है या फिर आप धूम्रपान-शराब का सेवन करती हैं तो अन्य महिलाओं की तुलना में आपमें इस कैंसर के विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। रेडिएशन और हार्मोनल थेरेपी के कारण भी स्तन कैंसर हो सकता है।
स्तन कैंसर से बचाव के लिए 20 की आयु के बाद नियमित रूप से स्तनों की जांच करती रहें। आहार और लाइफस्टाइल को ठीक रखकर इस खतरे से बचाव किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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