आयुर्वेद कहता है, हम सभी के घरों में कई ऐसी प्रभावी औषधियां मौजूद हैं जो हार्ट अटैक जैसी गंभीर और जानलेवा स्थिति के जोखिम को कम कर सकती है। दालचीनी को अध्ययनों में बेहद प्रभावी और सेहत के लिए लाभकारी पाया गया है, यह औषधि बंद धमनियों को खोलने में मदद कर सकती है जिससे हृदय तक रक्त का संचार बेहतर बना रहता है और हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है।
Health Tips: बंद धमनियों को खोल सकती है ये कारगर औषधि, हार्ट अटैक का जोखिम होगा कम, शुगर लेवल भी रहेगा कंट्रोल
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हृदय स्वास्थ्य के लिए इसके लाभ
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए दालचीनी के सेवन की आदत बनाना आपके लिए लाभकारी हो सकती है। कोरोनरी हार्ट डिजीज की समस्या काफी गंभीर है जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त न मिलने के कारण यह समस्या होती है। यह सीने में दर्द या एनजाइना और सांस की तकलीफ का कारण बन सकती है। रक्त के प्रवाह में रुकावट से दिल का दौरा पड़ सकता है। दालचीनी, वाहिकाओं को खोलने और रक्त के प्रवाह को ठीक रखने में मददगार पाई गई है।
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है ये औषधि
दालचीनी को इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा काफी खास और गुणकारी बनाती है। एंटीऑक्सीडेंट्स, शरीर को फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाली ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाते हैं। दालचीनी में पॉलीफेनोल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट्स होता है जो कैंसर विरोधी गुण के लिए जाने जाते रहे हैं। एंटीऑक्सीडेंट वाली चीजें गंभीर और क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में विशेष लाभकारी हो सकती हैं।
इंसुलिन संवेदनशीलता में होता है सुधार
डायबिटीज वालों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से आहार में दालचीनी को शामिल करना ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने में भी सहायक है। इंसुलिन उन प्रमुख हार्मोनों में से एक है जो मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा के उपयोग को नियंत्रित करता है। इंसुलिन प्रतिरोध की स्थिति में मेटाबॉलिक सिंड्रोम और टाइप-2 डायबिटीज जैसी स्थितियों के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।
न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों में भी लाभकारी
न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों जैसे अल्जाइमर और पार्किंसंस डिजीज के खतरे को कम करने में भी इस औषधि के लाभ पाए गए हैं। दालचीनी में पाए जाने वाले कुछ यौगिक मस्तिष्क में टाऊ नामक प्रोटीन के निर्माण को रोकते हैं, जो अल्जाइमर रोग के कारकों में से एक है। तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित विकारों के जोखिम को कम करने में इस औषधि को प्रयोग में लाना विशेष लाभकारी हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।