गर्मी का मौसम हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण होता है। हीट वेब के कारण होने वाली समस्याओं से लेकर, आंखों की एलर्जी, पाचन और त्वचा से संबंधित कई तरह की दिक्कतें इस मौसम में अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतते हुए गर्मी से बचाव करते रहने की अपील करते हैं।
Lips Problem in Summer: गर्मियों में होंठ फटने से रहते हैं परेशान? यह गंभीर समस्याओं का भी हो सकता है संकेत, जानिए बचाव के उपाय
होंठ फटने की समस्या और इसके कारण
मौसम में बदलाव, एलर्जी, बहुत अधिक धूप-सर्दी या फिर कुछ दवाइयों के अधिक सेवन के कारण होंठ फटने की दिक्कत हो सकती है, हालांकि यह सामान्य घरेलू उपायों के माध्यम से ठीक भी हो जाती है। कुछ लोगों में यह समस्या बार-बार होती रहती है और गंभीर रूप भी विकसित कर सकती है, इसे चिलाइटिस के रूप में जाना जाता है।
इस समस्या को समझने के लिए हमने त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ रुचिका गौर से बात की। डॉ रुचिका बताती हैं, गर्मी के दिनों में होंठ फटने का एक प्रमुख कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है। तेज धूप के कारण शरीर से पसीने के रूप से पानी अधिक निकल जाता है, इस अनुपात में कम पानी पीने वाले लोगों में होंठ फटने के साथ त्वचा में सूखेपन की समस्या भी अधिक देखने को मिलती है।
होंठ फटने के गंभीर मामले
डॉ रुचिका बताती हैं, यदि आप खूब पानी भी पीते हैं तब भी आपको होंठ फटने की दिक्कत महसूस होती है तो इसे कुछ विटामिन्स की कमी या फिर कोई अन्य अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या का संकेत माना जा सकता है। बार-बार होने वाली इस दिक्कत में किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। फोलेट (विटामिन बी 9), राइबोफ्लेविन (विटामिन बी 2), विटामिन बी 6 और बी 12 की कमी के कारण भी बार-बार होंठ फटने की समस्या होती रही है। इन विटामिन्स की कमी से कई तरह की अन्य समस्याओं का जोखिम भी हो सकता है, ऐसे में इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
गर्मी में होने वाली दिक्कत
मेडिकल रिपोर्टस से पता चलता है कि चिलाइटिस (होंठ फटने की गंभीर समस्या) संक्रमण और सूजन संबंधी बीमारियों के कारण होने वाली दिक्कत है। इस स्थिति में अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो फटे हुए होंठों के दरारों में बैक्टीरिया प्रवेश करके संक्रमण का कारण बन सकते हैं। हालांकि यह पता लगाने के लिए कि, आपको सामान्य होंठ फटने की दिक्कत है या फिर चिलाइटिस, इसके लिए किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक हो जाता है।
डिहाइड्रेशन के कारण होंठ फटने की समस्या पर भी समय रहते ध्यान दिया जाना चाहिए। गंभीर निर्जलीकरण की स्थिति में लो-ब्लड प्रेशर, बुखार, तेजी से सांस लेने या तेज़ दिल की धड़कन का अनुभव हो सकता है।
होंठ फटने की समस्या से बचाव के तरीके
होंठ फटने की सामान्य समस्या से बचाव के लिए कुछ घरेलू उपाय बहुत कारगर हो सकते हैं। गर्मी के दिनों में होंठ फटने और त्वचा संबंधी दिक्कतों से बचाव के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखकर बचाव किया जा सकता है।
- गर्मियों में होंठ फटने की समस्या से सुरक्षित रहने के लिए यूवी रेज से बचाव वाले क्रीम या लिपबाम को प्रयोग में लाया जा सकता है।
- खूब सारा पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहने से शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाकर होंठों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
- पेट्रोलियम जेली या शहद लगाने से भी होंठ मुलायम रहते हैं।
- खीरे के टुकड़ों को होंठों पर रगड़ने से सूखेपन की समस्या दूर होती है और होंठ स्वस्थ बने रहते हैं।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।