नाखूनों को हम आमतौर पर सिर्फ सुंदरता और सफाई से जोड़कर देखते हैं। लेकिन नाखूनों का रंग, मोटाई और बनावट कई बार शरीर में चल रही किसी समस्या की ओर भी इशारा कर सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार नाखूनों में दिखने वाले असामान्य बदलाव कई बार शरीर में पनप रही गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकते हैं।
सावधान: नाखूनों का रंग और आकार बताता है सेहत का हाल, इन संकेतों को समय रहते पहचानें
नाखूनों का रंग, आकार और बनावट बदलना कई बार सामान्य कारणों से होता है, लेकिन कुछ बदलाव स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं। नाखून में बदलाव आयरन की कमी, क्लबिंग कुछ बीमारियों और नई काली पट्टी दुर्लभ रूप से मेलानोमा से जुड़ी हो सकती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार नाखूनों का रंग पीला होना कई बार नाखून के संक्रमण की ओर इशारा हो सकता है। अगर नाखून पीले होने के साथ मोटे हो रहे हैं, टूट रहे हैं या नाखून की सतह बदल रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। हालांकि केवल रंग देखकर खुद से किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
- नाखून का रंग बदलना कई बार नेल पॉलिश, चोट या दूसरे सामान्य कारणों से भी हो सकता है। इसलिए दूसरे लक्षणों और नाखून की पूरी स्थिति को देखना जरूरी है।
लिवर और डायबिटीज का संकेत
नाखूनों का रंग शरीर की स्थिति के बारे में कुछ संकेत दे सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार सफेद नाखून कुछ स्थितियों में लिवर की बीमारी या डायबिटीज से जुड़े हो सकते हैं, जबकि बहुत फीके नाखून एनीमिया यानी खून की कमी में देखे जा सकते हैं।
- अगर नाखूनों का रंग लंबे समय से बदला हुआ है और साथ में कमजोरी, थकान या दूसरे स्वास्थ्य लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से मिलकर समय रहते जांच जरूर करा लें।
नाखूनों के भुरभुरा होने या टूटने की समस्या
नाखूनों का मोटा, सूखा और भुरभुरा होना कई कारणों से हो सकता है। थायरॉइड की बीमारी में नाखूनों की मोटाई, मजबूती और बढ़ने की गति में बदलाव देखा जा सकता है।
इसके अलावा नाखूनों में गहरी लकीरें दिखाई दे सकती हैं, इन्हें ब्यू की लाइंस कहा जाता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार ये तब बन सकती हैं जब कुछ समय के लिए नाखून का बढ़ना धीमा या रुक जाए। तेज बुखार, चोट, कीमोथेरेपी या शरीर पर बड़े तनाव के बाद ऐसा हो सकता है।
नाखून के नीचे काली लाइन
नाखून के नीचे काली या भूरी लाइन कई सामान्य कारणों से हो सकती है, लेकिन दुर्लभ मामलों में यह मेलानोमा का संकेत हो सकती है। मेलानोमा त्वचा का एक गंभीर कैंसर है, जो नाखून के नीचे भी विकसित हो सकता है। अगर आपके नाखूनों पर भी ऐसी लाइनें है और उसका रंग या आकार बदल रहा है तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच जरूर करा लें।
हर काली लाइन कैंसर नहीं होती, लेकिन इसपर समय रहते ध्यान देकर आप अपने खतरों को कम कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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