फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Heart Problem: बच्चों को भी हो सकता है कार्डियक अरेस्ट, जानिए कम उम्र के लोगों में क्यों बढ़ रहा है इसका जोखिम

Fri, 26 May 2023 05:30 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 26 May 2023 05:30 PM IST
विज्ञापन
Cardiac Arrest Symptoms, Know Risk Factor of Cardiac Arrest Among Children and how to prevent it
हृदय रोग के लक्षणों को न करें अनदेखा - फोटो : istock

कार्डियक अरेस्ट, हृदय रोगों से संबंधित गंभीर और जानलेवा स्थिति मानी जाती है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। आमतौर पर हृदय रोगों और इससे संबंधित जटिलताओं को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कतों के तौर पर जाना जाता रहा है पर क्या आप जानते हैं कि बच्चे भी इसके शिकार हो सकते हैं?



एक हालिया रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने बताया कि 5 साल की उम्र के बच्चों में भी कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर समस्या देखी गई है, जो हृदय रोगों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट करती है।

डॉक्टर्स कहते हैं, अक्सर लोग कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में फर्क नहीं कर पाते हैं जबकि दोनों अलग स्थितियां है। हार्ट अटैक में आपके दिल तक खून का संचार कम हो जाता है लेकिन कार्डिएक अरेस्ट में दिल अचानक काम करना ही बंद कर देता है। इसके वयस्कों और बुजुर्गों में कई कारण देखे गए हैं, पर ये बच्चों को कैसे और क्यों हो रहा है, आइए इस बारे में समझते हैं।

Cardiac Arrest Symptoms, Know Risk Factor of Cardiac Arrest Among Children and how to prevent it
बच्चों में हृदय रोगों की समस्या - फोटो : iStock

बच्चों में कार्डियक अरेस्ट का खतरा

हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण मोटापा है। बच्चों की शारीरिक गतिविधि कम होती जा रही है वहीं फास्ट-जंक फूड खाने की आदत ने इस जोखिम को काफी बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी से लगे रहने के कारण भी यह समस्या हो रही है।

बच्चों में हृदय रोगों का बढ़ना भविष्य के लिए गंभीर सूचक है। हमें अलर्ट रहने की जरूरत है क्योंकि खराब लाइफस्टाइल वयस्कों के लिए ही नहीं बच्चों के हृदय के लिए भी काफी जोखिमों का कारण हो सकती है।

Cardiac Arrest Symptoms, Know Risk Factor of Cardiac Arrest Among Children and how to prevent it
हृदय रोगों की करें पहचान - फोटो : iStock

कार्डिएक अरेस्ट के लक्षणों के बारे में जानिए

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण पहले दिखाई नहीं देते हैं। कार्डिएक अरेस्ट चूंकि अचानक आता है और हार्ट अटैक की तुलना में इसमें रोगी की जान जाने का खतरा भी अधिक हो सकता है। रोगी के दिल की धड़कन अचानक बहुत तेज हो जाती है और वह सामान्य रूप से सांस नहीं ले पाता है। पल्स और ब्लड प्रेशर रुक जाता है। ऐसे में दिमाग और शरीर के अन्य हिस्सों में खून नहीं पहुंच पाता है, यह सभी चीजें काफी तेजी से हो रही होती हैं। यही कारण है कि कार्डियक अरेस्ट को ज्यादा खतरनाक माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Cardiac Arrest Symptoms, Know Risk Factor of Cardiac Arrest Among Children and how to prevent it
हृदय की समस्याएं - फोटो : iStock

बच्चों में कार्डियक अरेस्ट क्यों होता है?

बच्चों में कार्डियक अरेस्ट की मुख्य वजह वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन (VF) के कारण इलेक्ट्रिकल हार्ट फंक्शन में होने वाली समस्या है। वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन का मतलब है कि हृदय के वेंट्रिकुलर तेजी से और अनियमित पैटर्न में धड़कने लगते हैं। आमतौर यह हृदय से संबंधित जन्मजात समस्याओं के कारण होता है।

बच्चों में कार्डियक अरेस्ट के कुछ सामान्य कारणों के बारे में भी जानना आवश्यक है।

  • जन्मजात हृदय की समस्याएं जैसे संरचनात्मक असामान्यताएं या मार्फन सिंड्रोम।
  • पोस्टऑपरेटिव कार्डियक रिपेयर।
  • हृदय की मांसपेशियों की संरचना या कामकाज के साथ असामान्यताएं।
  • लाइफस्टाइल विकार और मोटापे का जोखिम।
विज्ञापन
Cardiac Arrest Symptoms, Know Risk Factor of Cardiac Arrest Among Children and how to prevent it
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : Pixabay

बच्चों को हृदय विकारों से कैसे बचाएं?

सडेन कार्डियक अरेस्ट को रोका नहीं जा सकता है, लेकिन कुछ उपायों को प्रयोग में लाकर इसके जोखिम को जरूर कम कर सकते हैं।

  • सुनिश्चित करें कि बच्चे की नियमित स्वास्थ्य जांच हो। इससे दिल की असामान्यता का पता लगाने में आसानी होती है।
  • बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • बच्चों में मोटापे के जोखिमों को कम करने के लिए प्रयास करें।
  • आहार को स्वस्थ और पौष्टिक रखें। जंक-फास्ट फूड्स से दूरी बनाएं।



----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed