फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

विशेषज्ञ से जानिए: क्या ओमिक्रॉन संक्रमितों को भी हो रही है सांस लेने में तकलीफ और फेफड़े की बीमारियां?

Tue, 21 Dec 2021 02:32 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 21 Dec 2021 02:32 PM IST
विज्ञापन
can omicron variant cause breathlessness, how it affect lungs health
ओमिक्रॉन और सांस की समस्या - फोटो : iStock

Medically Reviewed by-


डॉ अमित भार्गव
(चिकित्सक, इंटेंसिव केयर)
वाराणसी, उत्तर प्रदेश


दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। भारत में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्राॅन से संक्रमितों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। अब तक देश में 221 ओमिक्राॅन संक्रमित मिल चुके हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि ओमिक्रॉन का खतरा उन लोगों को भी है जो वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं। ओमिक्राॅन पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को इस नए खतरे से बचाव करते रहने की चेतावनी दी है। हालिया रिपोर्टस में शोधकर्ताओं ने ओमिक्रॉन के कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बताया है जो डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण के मामले में देखने को नहीं मिले थे। ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर लोगों के मन में अब भी कई तरह के सवाल हैं, उसमें से एक यह भी है कि क्या डेल्टा की तरह इससे संक्रमण की स्थिति में भी लोगों को सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों की समस्याएं हो रही है? क्या ओमिक्रॉन का संक्रमण लोगों में मौत का कारण बन सकता है? इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जानकारियां साझा की हैं, आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

can omicron variant cause breathlessness, how it affect lungs health
ओमिक्रॉन वैरिएंट की असर - फोटो : Pixabay

कोरोना संक्रमण और सांस की समस्या
अमर उजाला से बातचीत में वाराणसी स्थित एक अस्पताल में इंटेंसिव केयर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अमित भार्गव बताते हैं, कोरोना वायरस ऊपरी श्वसन प्रणाली को लक्षित करता है और फेफड़ों में यह अपनी संख्या को बढ़ाता है। ज्यादातर संक्रामक वायरस सांस लेते समय फेफड़ों में प्रवेश करते हैं और सीधे फेफड़ों और एल्वियोली (छोटी वायु थैली) को नुकसान पहुंचाते हैं, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में समस्या होने लगती है। हालांकि ओमिक्रॉन को लेकर जो अध्ययन सामने आए हैं उससे यह पता चलता है कि यह वैरिएंट सांस से संबंधित समस्याओं का कारण नहीं बन रहा है।

can omicron variant cause breathlessness, how it affect lungs health
गले में संक्रमण का असर - फोटो : pixabay

गले को प्रभावित कर रहा है ओमिक्रॉन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 के ज्यादातर मामलों में वायरस फेफड़ों में खुद को बढ़ाते हुए देखे गए हैं, हालांकि ओमिक्रॉन संभवत: गले में ही यह कार्य प्रारंभ कर देता है। एक मीडिया रिपोर्ट में एम्स में कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ पुनीत बताते हैं, इसमें कुछ असामान्य नहीं है कि एक ही वायरस के अलग स्ट्रेन, भिन्न-भिन्न तरीके के लक्षण प्रकट करें। 
ओमिक्रॉन वेरिएंट के साथ भी ऐसा ही है। इस स्ट्रेन से संक्रमितों को सांस लेने में तकलीफ नहीं होती है, शायद इसलिए कि यह फेफड़ों में स्वयं को नहीं बढ़ा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
can omicron variant cause breathlessness, how it affect lungs health
फेफड़ों पर कोविड-19 का असर - फोटो : iStock

ओमिक्रॉन का फेफड़ों पर असर
डॉ पुनीत बताते हैं, दुनियाभर से सामने आ रही रिपोर्टस से यह पता चलता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट, डेल्टा से अलग फेफड़ों की जगह गले को प्रभावित कर रहा है। इस वैरिएंट के बारे में अब भी विस्तार से जानने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं, हालांकि, प्रारंभिक अध्ययन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन के लक्षण हल्के होते हैं। राहत की बात यह भी है कि ओमिक्रॉन संक्रमितों में निमोनिया जैसी समस्याओं का खतरा भी कम ही होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
can omicron variant cause breathlessness, how it affect lungs health
कोरोना संक्रमण के लक्षण - फोटो : iStock

ओमिक्रॉन की प्रकृति को समझिए
ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर हुए अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना के अन्य वैरिएंट्स की तुलना में यह काफी तेजी से संक्रमण का कारण बन सकता है। इससे ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की आशंका बनी हुई है, लेकिन इसमें गंभीर लक्षण, अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु का खतरा काफी कम हो सकता है। ओमिक्रॉन वैरिएंट की प्रकृति को समझने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।


----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed