फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Glaucoma: हमेशा के लिए आंखों की रोशनी छीन सकती है तेजी से बढ़ती ये बीमारी, डायबिटीज रोगियों में जोखिम अधिक

Sun, 27 Aug 2023 06:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 27 Aug 2023 06:34 PM IST
विज्ञापन
Can glaucoma cause permanent blindness know glaucoma risk factors and prevention tips in hindi
आंखों की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock

लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण आंखों से संबंधित कई तरह की बीमारियों का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। धूम्रपान, स्क्रीन के बढ़े हुए समय के कारण कम उम्र में ही लोग ग्लूकोमा के शिकार होते जा रहे हैं। डॉक्टर कहते हैं, ग्लूकोमा आपके आंखों की रोशनी हमेशा के लिए छीन सकती है। आंखों की इस समस्या से बचाव को लेकर सभी लोगों को प्रयास करते रहने की सलाह दी जाती है।



ग्लूकोमा आंखों की वह समस्या है जो ऑप्टिक नर्वस को क्षति पहुंचाती है। ऑप्टिक नर्व, आपकी आंख से मस्तिष्क तक दृश्य से संबंधित जानकारी भेजती है और आपको चीजों को पहचानने में मदद करती है। जीवनशैली की कुछ गड़बड़ चीजें इन तंत्रिकाओं को क्षति पहुंचाकर आंखों पर दबाव बढ़ाने वाली हो सकती है। आंखों पर सामान्य दबाव पड़ने पर भी ग्लूकोमा हो सकता है।

बच्चों में आंखों की बढ़ती इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं।

Can glaucoma cause permanent blindness know glaucoma risk factors and prevention tips in hindi
ग्लूकोमा की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock

ग्लूकोमा का खतरा

ग्लूकोमा किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन वृद्ध लोगों में यह अधिक आम है। यह 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह अंधेपन के प्रमुख कारणों में से एक है। सामान्यतौर पर ग्लूकोमा के कई भी संकेत नहीं दिखते हैं, लेकिन रोग के बढ़ने के साथ इसके लक्षण स्पष्ट होने लगते हैं और आपकी दृष्टि में व्यापक रूप से बदलाव का कारण बन सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आंखों की इस समस्या से बचाव के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से आंखों की जांच कराते रहें जिससे शुरुआती स्थिति में ही इस रोग का पता चल सके। यदि ग्लूकोमा की पहचान जल्दी कर ली जाए, तो दृष्टि हानि को धीमा या रोका जा सकता है।

Can glaucoma cause permanent blindness know glaucoma risk factors and prevention tips in hindi
ग्लूकोमा के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay

कैसे करें इस रोग की पहचान?

ग्लूकोमा के एक प्रकार जिसे ओपन-एंगल ग्लूकोमा कहा जाता है इससे पीड़ित कई लोगों में कोई ध्यान देने योग्य लक्षण नहीं होते हैं, इसलिए इस बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाने के लिए नियमित आंखों की जांच कराना बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि रोग के विकसित होने के साथ आंखों में कई प्रकार की समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं, जिसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना और इलाज कराना आवश्यक हो जाता है। 

  • आंखों में दर्द या दबाव होते रहना।
  • आंखों में दर्द के साथ सिरदर्द की समस्या।
  • रोशनी के चारों ओर इंद्रधनुषी रंग नजर आना।
  • कम या धुंधली दृष्टि की समस्या होना। 
  • आंखों में अक्सर लालिमा की समस्या बने रहना। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Can glaucoma cause permanent blindness know glaucoma risk factors and prevention tips in hindi
मधुमेह के कारण आंखों की समस्या - फोटो : iStock

किन्हें होता है ग्लूकोमा का खतरा

ग्लूकोमा का खतरा किसी को भी हो सकता है हालांकि कुछ स्थितियां आपमें इसके जोखिमों को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं। उदाहरण के लिए मधुमेह से पीड़ित लोगों में ग्लूकोमा होने की आशंका दोगुनी होती है।

  • ग्लूकोमा का अगर पारिवारिक इतिहास रहा है तो भी आपमें इसका खतरा हो सकता है।
  • उच्च रक्तचाप की समस्या भी जोखिमों को बढ़ा सकती है।
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का लंबे समय तक उपयोग के कारण भी आपको ग्लूकोमा हो सकता है।
  • निकटदृष्टि दोष या आंख की चोट भी आपमें इस रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती है।
विज्ञापन
Can glaucoma cause permanent blindness know glaucoma risk factors and prevention tips in hindi
आंखों की कराएं नियमित जांच - फोटो : Pixabay

ग्लूकोमा से बचाव के लिए क्या करें?

दैनिक जीवन में कुछ प्रकार के उपायों का पालन करके ग्लूकोमा के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। 

आंखों की चोट के कारण भी आपको ग्लूकोमा हो सकता है, इससे बचाव के लिए खेलते समय आंखों पर सुरक्षात्मक कवर पहनें। अगर आपमें ग्लूकोमा के लक्षण नजर आ रहे हैं तो इसका उपचार कराएं और डॉक्टरी सलाह जरूर प्राप्त करें।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed