Eyelid Cyst Symptoms: कुछ दिनों पहले ही अभिनेत्री निक्की तंबोली का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उनकी एक आंख पर सफेद पट्टी बांधी हुई थी। दरअसल उनकी आंखों के पलक में एक सिस्ट (गांठ) हो गया था, जिसकी ऑपरेशन के बाद उन्हें पट्टी बांधा गया था। इसे बीमारी को चिकित्सा भाषा में 'चालाजियन' कहा जाता है।
Chalazion: क्या आंख की पलकों पर भी हो सकता है सिस्ट? जान लें कितनी खतरनाक हो सकती है ये बीमारी
What Is Chalazion: आंखों पर फुंसी होना या गुहेरी होना आम बात है, मगर कई बार ये सिस्ट के रूप में आंखों की पलकों पर हो जाता है। ऐसे में कुछ मामलों में ऑपरेशन तक की स्थिति आ जाती है। इस बीमारी को चालाजियन कहते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
चालाजियन के शुरुआती लक्षण और कारण
चालाजियन की शुरुआत पलक पर एक छोटी, दर्द रहित गांठ के रूप में होती है। धीरे-धीरे यह गांठ सख्त होने लगती है और पलक में भारीपन महसूस होता है। इसका मुख्य कारण पलकों की 'मीबोमियन' ग्रंथि का ब्लॉक होना है। इसके अलावा, जो लोग मेकअप का अधिक उपयोग करते हैं या आंखों की स्वच्छता का ध्यान नहीं रखते, उनमें बैक्टीरिया के जमा होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और यह गांठ का रूप ले लेती है।
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यह बीमारी कितनी खतरनाक हो सकती है?
ज्यादातर मामलों में चालाजियन जानलेवा नहीं होता, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह 'सेल्युलाइटिस' जैसे गंभीर संक्रमण में बदल सकता है। अगर गांठ बहुत बड़ी हो जाए, तो यह कॉर्निया पर दबाव डालती है, जिससे धुंधला दिखाई देना शुरू हो सकता है। बार-बार चालाजियन होना शरीर में अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं या क्रोनिक त्वचा रोगों का भी संकेत हो सकता है।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर आपकी पलक की सूजन 4-5 दिनों में घरेलू उपचार या गर्म सिकाई से कम नहीं हो रही है, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें। यदि गांठ की वजह से पलक पूरी तरह नहीं खुल रही, दृष्टि धुंधली हो रही है, या आंख से अत्यधिक पानी और मवाद निकल रहा है, तो यह सर्जरी की आवश्यकता का संकेत हो सकता है। निक्की तंबोली की सर्जरी एक छोटा और सुरक्षित विकल्प है जो संक्रमण को फैलने से रोकता है।
चालाजियन से बचने के लिए आंखों की स्वच्छता सबसे जरूरी है। सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह हटाएं और गंदे हाथों से आंखों को न छुएं। अगर सूजन महसूस हो, तो दिन में तीन-चार बार गर्म सिकाई करें। यह खबर हमें सिखाती है कि ग्लैमर की दुनिया हो या सामान्य जीवन, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। अपनी आंखों को सुरक्षित रखें और किसी भी असामान्य बदलाव पर विशेषज्ञ की राय जरूर लें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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