पेट में गैस बनने की समस्या लोगों में काफी सामान्य है। इसे मुख्यरूप से जीवनशैली में गड़बड़ी और कुछ स्थितियों में अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होने वाली दिक्कतों के तौर पर जाना जाता है। कई स्थितियां, जैसे अधिक शराब पीना, पाचन की दिक्कत, मसालेदार भोजन या धूम्रपान करने के कारण लोगों में यह समस्या हो सकती है। पर कई लोगों को आपने देखा होगा कि जब वह हाथ-पैर या सिर दबाते हैं तो इसके प्रतिक्रिया के रूप में उन्हें तेज आवाज के साथ डकार आती है। आमतौर पर इसे गैस निकलना माना जाता है, जिसके लिए वह तरह-तरह की दवाइयां खाते रहते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि हाथ-पैर दबाने से आने वाली डकार की समस्या का पेट की गैस से कोई संबंध ही नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कत है?
विशेषज्ञों ने बताया: हाथ-पैर दबाने से निकलती है डकार तो यह गैस नहीं, मानसिक स्वास्थ्य की है समस्या, जानिए विस्तार से
फंक्शनल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की समस्या
शरीर के अंगों को दबाने से डकार के रूप में गैस निकलने की अनुभूति का गैस्ट्रिक विकारों से कोई संबंध नहीं है। इस बारे में जानने के लिए हमने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र से बातचीत की। प्रोफेसर मिश्र बताते हैं, यह समस्या वर्षों से चली आ रही है, जिसका सही निदान ही नहीं हो पाता है। हाथ-पैर या सिर दबाने से निकलने वाली जिस डकार को हम गैस मान रहे होते हैं, वह बस खुद के दिमाग से उपजा एक सूचक मात्र है, जिसका असल में गैस की परेशानी से कोई वास्ता ही नहीं है। यह एक प्रकार के मानसिक रोग का संकेत है।
प्रोफेसर मिश्र बताते हैं, इस समस्या का मुख्य कारण फंक्शनल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर माना जाता है। इस समस्या की खास बात यह है कि यह कुछ प्राप्त करने या अपने प्रति लोगों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए होता है। हालांकि व्यक्ति जान-बूझकर ऐसा नहीं कर रहा होता है।
उदाहरण के लिए परीक्षा के पहले कुछ लोगों को तेज सिरदर्द या बेहोशी जैसी दिक्कत होने लगती है और वह परीक्षा नहीं देते हैं, पर जैसे ही परीक्षा का समय खत्म होता है वह स्वत: ठीक महसूस करने लगते हैं। 'थ्री ईडियट्स' फिल्म की शुरुआत में फरहान ने जिस तरह से बेहोशी और सीने में दर्द होने की समस्या बताकर विमान रुकवाया और एयरपोर्ट पर पहुंचते ही ठीक हो गया, यह भी इसका एक उदाहरण है। हालांकि फंक्शनल न्यूरोलॉजिक डिसऑर्डर, बहानेबाजी नहीं है, यह मानसिक स्वास्थ्य समस्या के कारण अचेतन स्थिति में होने वाली प्रतिक्रिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों का अपनी समस्याओं के प्रति ध्यान आकृष्ट करना है, जिससे लोग रोगी की समस्याओं पर गौर करें।
मन से संबंधित विकार
अगर अपने हाथ या पैर दबाने से, मुँह से गैस या डकार निकले, तो अपनी मानसिक स्वास्थ की जाँच अवश्य कराएँ!
प्रोफेसर मिश्र बताते हैं, अंगों को दबाने से डकार निकलना सीधा हमारे मन से संबंधित विकार है, जिसके माध्यम से हम लोगों से अप्रत्यक्ष तौर पर या तो कुछ बताना चाहते हैं या उनका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
यह समस्या न्यूरोसिस विकारों का एक प्रकार है, जिसमें इंसान के मन में किसी भी चीज को लेकर शक बैठ जाता है, और प्रत्यक्ष तौर पर ऐसी समस्या न होते हुए भी व्यक्ति उसी के अनुरूप व्यवहार करने लगता है।
मानसिक विकारों के शारीरिक लक्षण
अंगों को दबाने से डकार निकलने के मनोवैज्ञानिक कारणों को समझने के लिए हमने वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी से बात की। डॉ सत्यकांत बताते हैं, मनोविज्ञान की भाषा में इस तरह के विकार को 'सोमैटोफॉम ऑटोनॉमिक डिस्फंक्शन' कहा जाता है। इस समस्या में लोगों को अलग-अलग तरह के शारीरिक लक्षणों का अनुभव हो सकता है, जबकि असल में यह मन के कारण उत्पन्न समस्या है, जिसका फिजिकल लक्षणों से संबंध ही नहीं है। अंगों को दबाने से डकार आना भी ऐसा ही एक लक्षण है।
यह ब्रेन की एक प्रकार की 'कन्वर्जन रिएक्शन' प्रक्रिया का भी हिस्सा है, जिसमें मस्तिष्क अत्यधिक तनाव की समस्या को शारीरिक लक्षणों के रूप में बदलकर उसके मस्तिष्क पर होने वाले ट्रॉमा को कम कर देता है।
ज्यादा तनाव लेने वालों में होती है ऐसी दिक्कत
डॉ सत्यकांत कहते हैं, ज्यादा तनाव और चिंता विकारों से जूझ रहे लोगों में इस तरह की समस्या होना सामान्य है। इसके अलावा समाज में प्रताड़ित, अपनी बात न रख पाने वाले, मन में कई बात को लेकर चलने वाले लोगों में भी यह दिक्कत हो सकती है।
इन समस्याओं को 'इमोशनल क्राई' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका मतलब है कि उस व्यक्ति की परेशानियों को सुना जाना चाहिए। चूंकि यह समस्याएं अवचेतन की स्थिति में हो रही होती हैं, ऐसे में इसका सही निदान और व्यक्ति की भावनाओं को समझा जाना आवश्यक है। अप्रत्यक्ष रूप से, अंगों को दबाने पर निकलने वाली डकार इसी बात का सूचक है।