हमारे शरीर को स्वस्थ रखने और अंगों के सही तरीके से काम करते रहने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूती देने के लिए आवश्यक है जो संक्रामक रोगों के खतरे से बचाने में मदद करती है।
विशेषज्ञों की सलाह: हफ्ते में दो-तीन दिन जरूर खाएं ये चीज, इंफ्लामेशन-ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में लाभकारी
हृदय स्वास्थ्य के लिए इसके लाभ
अध्ययनों से संकेत मिलता है कि ब्रोकली विभिन्न तरीकों से हृदय स्वास्थ्य में सहायता कर सकती है। बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने में इसके लाभ देखे गए हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने ब्रोकली स्प्राउट्स का सेवन किया उनके ट्राइग्लिसराइड्स और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में काफी सुधार आया। ये दोनों ही हृदय रोगों के लिए गंभीर कारक माने जाते रहे हैं।
इंफ्लामेशन वाली बीमारियां होती है दूर
ब्रोकली में विभिन्न बायोएक्टिव यौगिक होते हैं जो आपके शरीर के ऊतकों में इंफ्लामेशन को कम करते हैं। ब्रोकली में पाया जाने वाला फ्लेवोनोइड केम्पफेरोल, एंटी-इंफ्लामेटरी क्षमता वाला माना जाता है। धूम्रपान करने वालों पर किए गए एक अध्ययन से यह भी पता चला कि ब्रोकली खाने से ऐसे लोगों में इंफ्लामेशन मार्कर में काफी कमी आई। इंफ्लामेशन को हृदय रोगों सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है।
शुगर लेवल भी रहता है नियंत्रित
ब्रोकली खाने से मधुमेह वाले लोगों में शुगर लेवल को कंट्रोल करने में लाभ मिल सकती है। यह ब्रोकली के एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण होता है। अध्ययन से पता चला है कि टाइप-2 डायबिटीज वाले जिन लोगों ने एक महीने तक रोजाना ब्रोकली स्प्राउट्स का सेवन किया उनमें इंसुलिन प्रतिरोध में काफी सुधार देखा गया।
पशु अध्ययन से पता चला है कि जिन चूहों को ब्रोकली का अर्क खिलाया गया, उनमें रक्त शर्करा में कमी के साथ-साथ अग्न्याशय कोशिकाओं की क्षति भी कम हुई।
शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट कई रोगों से देते हैं सुरक्षा
ब्रोकली में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को कई गंभीर रोगों के जोखिमों से सुरक्षा देते हैं। एंटीऑक्सीडेंट, शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाली कोशिका क्षति को रोकने और इसके दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जरूरी है।
ब्रोकली में ग्लूकोराफेनिन की अधिकता होती है, यह यौगिक पाचन के दौरान सल्फोराफेन नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट में परिवर्तित हो जाता है। अध्ययनों से संकेत मिलता है कि सल्फोराफेन ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को कम करने में बहुत लाभकारी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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