Medically reviewed by Dr. Deepak Mahavar
डॉ दीपक माहवर, श्वास रोग विशेषज्ञ
सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल, नागपुर
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.डी, डी.एन.बी
अनुभव- 10 वर्ष
पिछले कुछ दिनों से ब्लैक फंगस को लेकर लोगों में डर बहुत बढ़ गया है। ऐसे में इससे डरने और अफवाहों पर ध्यान देने से कुछ हासिल नहीं होना है। ये बात सच है कि ब्लैक फंगस होने पर कई बार व्यक्ति की जान पर बन आती है लेकिन ये परिस्थिति तब निर्मित होती है जब ब्लैक फंगस के लक्षणों को नजरअंदाज किया जाता है और दिन-ब-दिन ये बढ़ता ही जाता है। यदि सही समय पर समझदारी से काम लिया जाए तो ब्लैक फंगस से जूझ रहे मरीज को जल्द ही स्वस्थ किया जा सकता है। अगली स्लाइड्स से जानिए कि यदि आपको या आपकी पहचान के किसी व्यक्ति को ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देते हैं तो क्या करना चाहिए?
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आंख या चेस्ट विशेषज्ञ को दिखाएं
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विशेषज्ञों को दिखाइए
यदि सिर दर्द, सीने में भारीपन, सांस फूलना, बुखार आने के साथ ही यदि आंखों में लालपन, आंखों में दर्द, दांतों में दर्द, खांसने पर बलगम चेहरे पर सूजन आदि की समस्या भी दिखने लग रही है तो सुबह से शाम का भी इंतजार न करें और तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। सामान्य चिकित्सक को दिखाने की बजाय आंख या चेस्ट विशेषज्ञ को दिखाएं ताकि बीमारी जल्द से जल्द में पकड़ आए और इलाज शुरू हो सके।
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एक सप्ताह बाद भी स्टेरॉयड का प्रयोग न करें
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स्टेरॉयड का इस्तेमाल न करें
लक्षण शुरू होने के बाद कम से कम एक सप्ताह तक किसी भी स्टेरॉयड का प्रयोग न करें। किसी भी चिकित्सक मित्र ,रिश्तेदार के कहने पर कोई भी दवाई शुरू न कर दें। अस्पताल में भी ध्यान रखें कि कहीं डॉक्टर स्टेरॉयड तो नहीं दे रहे हैं। यदि उम्र अधिक है या डायबिटीज हे तब तो एक सप्ताह बाद भी स्टेरॉयड का प्रयोग न करें। गंभीर मरीज हैं तब भी यदि चिकित्सक कोई स्टेरॉयड दे रहे हैं तो अच्छे से पता कर लें कि यह क्यों दिया जा रहा है और मरीज को इससे नुकसान क्या हो सकते हैं?
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बिल्कुल भी समय जाया न करें
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घर पर उपचार की रिस्क न ले
ब्लैक फंगस की पक्की रिपोर्ट आ जाने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती हो जाएं। घर पर उपचार करने की रिस्क बिल्कुल भी न लें क्योंकि इससे समस्याएं बढ़ सकती हैं। किसी ऐसे अस्पताल जाएं जहां पर समय पर बीमारी से संबंधित विशेषज्ञ या अनुभवी चिकित्सक मौजूद हों। अलग-अलग लोगों से परामर्श न लें और भर्ती होने के लेकर जो भी निर्णय होता है उसमें बिल्कुल भी समय जाया न करें।
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इस विषय में बार-बार चिकित्सक का परामर्श लें।
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ऑक्सीजन की बोतल में उबला पानी डालें
जबतक आपकी रिपोर्ट नहीं आ जाती कि आपको सही में भी ब्लैक फंगस है तबतक लक्षण दिखाई देने की स्थिति में यदि घर पर ही आपका उपचार चल रहा है और ऑक्सीजन का उपयोग करने पड़ रहा है तो ऐसे में इस बात का ध्यान जरूर रखें कि ऑक्सीजन बोतल में उबले हुए पानी को ठंडा करके डालें या नॉर्मल स्लाइन डालें। इस विषय में बार-बार चिकित्सक का परामर्श लें।
नोट- यह लेख सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल के डॉक्टर दीपक माहवर से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर दीपक महावर पिछले 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एम.बी.बी.एस गवर्नमेंट कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नागपुर से ली है।
अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।