Bihar Former Deputy CM Sushil Kumar Modi Death: बीती सोमवार रात को खबर आई कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी अब नहीं रहे। दिल्ली के एम्स अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। लगभग 6 महीने पहले खुद सुशील मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ये जानकारी दी थी कि उन्हें कैंसर है, जिसका काफी समय से इलाज चल रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुशील मोदी कौन से कैंसर से जूझ रहे थे और इसके लक्षण क्या होते हैं? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं ये कौन सा कैंसर है और इसके लक्षण से लेकर बचाव तक के तरीके आप यहां जान सकते हैं। आप आगे इस बारे में विस्तार से जान सकते हैं...
Sushil Modi Death: कौन से कैंसर से जूझ रहे थे सुशील मोदी? यहां जानें लक्षण और बचाव का तरीका
कौन सा कैंसर था?
- सुशील मोदी गले के कैंसर से जूझ रहे थे। ये बीमारी धीरे-धीरे उनके फेफड़ों तक पहुंच गई थी और इसी वजह से उन्हें बोलने में भी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में इस बीमारी का इलाज दिल्ली स्थित एम्स में चल रहा था।
क्या होते हैं लक्षण?
- अगर आपको बार-बार खांसी की समस्या हो रही है
- अगर किसी को खाना निगलने में तकलीफ हो रही है और ये समस्या लगातार बनी हुई है
- आवाज में बदलाव, गले में खराश, बलगम के साथ खून आना भी इसके लक्षण हैं
- गर्दन में सूजन आना भी इसका लक्षण माना जाता है आदि। अगर आपको ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
क्या कारण से हो सकता है?
- गले का कैंसर होने का कारण ज्यादा और लगातार धूम्रपान करना हो सकता है। यही नहीं, तंबाकू का सेवन करने से भी गले का कैंसर हो सकता है। इसलिए इन चीजों से दूरी बनाकर रखना ही बेहतर विकल्प हो सकता है।
बचाव कैसे?
- कैंसर कोई भी हो, वो बेहद खतरनाक और जानलेवा होता है। अगर आपको कैंसर के कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लक्षण दिखने के बाद लापरवाही करना भारी पड़ सकता है।
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन
अनुभव- 25 साल
Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
https://ujalacygnus.com/doctors/#team_profile
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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