शरीर को निरंतर बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए सभी अंगों का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। शरीर को यदि समय पर संतुलित-पौष्टिक भोजन मिलता रहे और हर रूटीन लय-ताल में रहे तो शरीर भी सुचारू रूप से काम करता रहता है। लेकिन कई बार यह होता है कि हम जानते-बूझते अपनी कुछ आदतों से शरीर के लिए परेशानी खड़ी करने लगते हैं। ऐसा ही कुछ होता है जब शरीर में शांति से रह रहे पैंक्रियास को हम परेशान करते हैं।
सावधान: आपकी ऐसी आदतें पैंक्रियास को पहुंचाती हैं नुकसान, गंभीर समस्याओं का बढ़ जाता है खतरा
पैंक्रियास की सेहत का रखें ध्यान
पैंक्रियास एक ऐसा अंग है जो बहुत शांति से पीछे की लाइन में बैठकर अपना काम कर रहा होता है लेकिन जब हम बार-बार उसका काम करने में बाधा डालते हैं, तो उसकी लय बिगड़ जाती है और पाचन संबंधी गंभीर बीमारियां या कैंसर तक हो सकता है। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें इस अंग के सामान्य कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।
लंबे समय तक भूखे रहना
सुबह का नाश्ता स्किप कर देना, काम की जल्दबाजी में भूखे रह जाना, कड़क डायटिंग के चक्कर में खाना छोड़ देना, कठिन व्रत-उपवास करना, ये वे सब कारण हैं जो आपके शरीर पर बुरा असर डालते हैं। डॉक्टर अक्सर यह चेतावनी देते हैं कि भरपेट खाने से आपको उतनी दिक्क्त नहीं होगी जितनी भूखे रहने से होगी। डायबिटीज के पीछे भी यह एक बड़ा कारण बन सकता है। जब आप भूखे रहते हैं तो आपका लिवर इसे झेल नहीं पाता और बहुत अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल बनाने लगता है। यह कोलेस्ट्रॉल आगे जाकर पथरी (गॉलस्टोन) का रूप ले लेता है और पैंक्रियाज में अटक जाता है। इसलिए कोशिश करें कि भले ही कम भोजन करें लेकिन एकदम भूखे न रहें। खासकर रात को खाली पेट बिलकुल न सोएं।
नींद की कमी
अच्छी और भरपूर नींद न केवल पूरे शरीर बल्कि दिमाग के लिए भी बूस्टर का काम करती है। रात को देर से सोना,अनिद्रा, नींद में असंतुलन जैसी स्थितियां पैंक्रियाज के काम में बाधा डालती हैं और इसके इन्सुलिन उत्पादन को असंतुलित कर सकती हैं। यह भी डायबिटीज के पीछे का एक कारण बन सकता है। इसलिए रात में भरपूर और अच्छी नींद जरूर लें।
बेवजह दवाइयां खाना
दर्दनिवारक, एसिडिटी दूर करने की गोलियां या अन्य ओवर द काउंटर दवाइयां जो अक्सर लोग अपने मन से ले लेते हैं, इनकी आदत सबसे बुरा प्रभाव लिवर और पैंक्रियास पर ही छोड़ती हैं। इनकी वजह से इन दोनों ही अंगों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।
इनके अलावा कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का बढ़ना, सिगरेट और शराब का सेवन जैसी आदतें भी पैंक्रियास के काम में बाधा डाल सकती हैं। इनसे लिवर और पैंक्रियास दोनों को ही गंभीर खतरा पहुंच सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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