जीवनशैली और खान-पान में गड़बड़ी के कारण कम उम्र के लोगों में भी आर्थराइटिस की समस्या काफी बढ़ गई है। आर्थराइटिस की स्थिति में हाथ, पैर के जोड़ों में दर्द और सूजन की हो सकती है। कुछ स्थितियों में तो लोगों के लिए इसमें दैनिक जीवन के सामान्य कामकाज तक करना कठिन हो जाता है।
सेहत की बात: हाथों में महसूस होती है ऐसी दिक्कत? हो सकता है आर्थराइटिस का संकेत, इसे नजरअंदाज करने की न करें भूल
क्यों होती है आर्थराइटिस की समस्या?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है आर्थराइटिस के लिए किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है, लोगों में इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं। गंभीर चोट, मेटाबॉलिज्म ठीक न रहना और प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्याओं के साथ आनुवांशिक कारक आपमें इसके खतरे को बढ़ा सकते हैं। कुछ शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि लोगों में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता ने भी आर्थराइटिस के खतरे को बढ़ा दिया है।
आर्थराइटिस के शुरुआती संकेत
डॉक्टर्स बताते हैं कि अगर आर्थराइटिस के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो इसको बढ़ने से रोका जा सकता है। अगर आपके जोड़ों में अक्सर दर्द, कठोरता या सूजन बनी रहती है तो इसे गठिया का शुरुआती संकेत माना जा सकता है। इस बारे में किसी विशेषज्ञ से समय रहते सलाह और उपचार ले लें, जिससे समस्या को बढ़ने से रोका जा सके।
आर्थराइटिस की स्थिति में सुबह-सुबह हाथों में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, जिसपर ध्यान देकर समस्या की पहचान की जा सकती है।
हाथों के लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आर्थराइटिस की शुरुआत में कुछ लोगों को सुबह-सुबह हाथों में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, जिनपर ध्यान देकर आप समस्या की पहचान कर सकते हैं। हाथों में तेज दर्द होना, जिसके कारण आपके लिए सामान्य कामकाज करने तक में कठिनाई महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को उंगलियों को पूरी तरह से खोलने या बंद करने में भी दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा गठिया की शुरुआत में कुछ लोगों को उंगलियों के बीच के जोड़ पर गांठ जैसा अनुभव हो सकता है। इन संकेतों को अनदेखा न करें।
आर्थराइटिस से बचाव कैसे करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आर्थराइटिस चूंकि जीवनशैली की गड़बड़ी से संबंधित समस्या बनती जा रही है ऐसे में सभी लोगों को इससे बचाव को लेकर निरंतर उपाय करते रहना चाहिए।
- वजन को कंट्रोल रखें, मोटापा के कारण घुटनों पर दबाव बढ़ जाता है।
- रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखें।
- नियमित व्यायाम, विशेषकर स्ट्रेचिंग की आदत बनाएं।
- चोट से बचें।
- धूम्रपान करने वालों में गठिया का खतरा अधिक होता है, ऐसे में इससे पूरी तरह से परहेज करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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