देश और दुनिया में बढ़ती जा रहे कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने के लिए सबसे प्राथमिक चुनौती, इसकी जांच करना है। कोरोना वायरस की जांच के लिए दुनियाभर में तमाम तरह के जांच किट बनाए और विकसित किए जा चुके हैं। बहुत सारी तकनीकों ने कम समय और कम खर्च में कोरोना जांच का दावा किया। लेकिन देश में सबसे ज्यादा दो जांच प्रक्रिया अपनाई जा रही है- एंटीजन टेस्ट और आरटीपीसीआर टेस्ट। देश में कोरोना जांच की जो रफ्तार बढ़ी है, उसमें एंटीजन किट का अहम रोल रहा है। आरटीपीसीआर टेस्ट की अपेक्षा एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट कम समय में आ जाती है, लेकिन इसकी रिपोर्ट की एक्यूरेसी यानी सटीकता उतनी नहीं है। ढेरों पॉजिटिव मामलों की रिपोर्ट एंटीजन टेस्ट में निगेटिव आई हैं। आरटीपीसीआर टेस्ट के बावजूद ऐसे मामले सामने आए हैं। ...तो आखिर इन नतीजों पर कितना भरोसा किया जा सकता है?
असमंजस: कोरोना 'पॉजिटिव' मरीजों की 'निगेटिव' रिपोर्ट आ रही, इलाज में देरी से हो सकता है जान का संकट
देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण के बावजूद मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। कोरोना के लक्षण दिखने पर जो लोग एंटीजन टेस्ट करा रहे हैं, उनमें से कइयों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद लोग जब आरटीपीसीआर टेस्ट करा रहे हैं तो उनमें से कइयों की रिपोर्ट पॉजिटिव तो कुछ लोगों की रिपोर्ट निगेटिव ही आ रही है। यानी कि केवल एंटीजन टेस्ट ही नहीं, बल्कि आरटीपीसीआर टेस्ट भी कोरोना मरीजों की सही रिपोर्ट नहीं दे रहा।
कोरोना मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जब संक्रमण गंभीर रूप ले रहा, तब अन्य तरह की जांच का सहारा लेना पड़ रहा है। इस दौरान लोगों के फेफड़े पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि तबतक कोरोना वायरस नुकसान पहुंचा दे रहा। गंभीर होने के बाद जब मरीज फेफड़े का एक्सरे करा रहे या फिर सीटी स्कैन करा रहे, तब जाकर कोरोना संक्रमण की बात सामने आ पा रही है। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बिहार के भागलपुर से लेकर मध्य प्रदेश के भोपाल तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
पहले कुछ मामलों पर नजर डालते हैं:
केस-1
- लखनऊ में इंदिरानगर निवासी महिला (26) ने यहां के बीएमसी में कोरोना जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई तो केजीएमयू में आरटीपीसीआर जांच कराई, रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
केस-2
- इंदिरानगर के ही सी ब्लॉक के पास रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग को बुखार चढ़ा। बीएमसी में हुए एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट न निगेटिव आई और न ही पॉजिटिव। दो दिन बाद ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा तो उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया। आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई।