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Alzheimer: अल्जाइमर के इलाज में भारतीय वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी, हर साल करोड़ों लोग होते हैं शिकार

Sat, 26 Oct 2024 07:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sat, 26 Oct 2024 07:14 PM IST
सार

हर साल 10 मिलियन (एक करोड़) से अधिक नए लोगों में अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया का निदान किया जा रहा है। इस मस्तिष्क विकार के इलाज में अब भारतीय वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है। आइए इस बारे में जानते हैं।

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Alzheimer Disease risk and prevention Indian scientists develop new molecules to treat Alzheimers
मस्तिष्क से संबंधित समस्याएं - फोटो : Freepik.com

अल्जाइमर रोग वैश्विक स्तर पर बढ़ती एक गंभीर न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है। दुनियाभर में 55 मिलियन (5.5 करोड़) से अधिक लोग अल्जाइमर रोग और इसके कारण होने वाली डिमेंशिया की समस्या से पीड़ित हैं। इतना ही नहीं एक आंकड़े के अनुसार हर साल 10 मिलियन (एक करोड़) से अधिक नए लोगों में अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया की चपेट में आ रहे है।



मस्तिष्क से संबंधित इस विकार में ब्रेन का आकार सिकुड़ जाता है जिससे कोशिकाओं में क्षति होने लगती है। इसके कारण चीजों को याद रखने, सोचने-विचारने और समझने की क्षमता प्रभावित होने लग जाती है। अल्जाइमर रोग के गंभीर मामलों में डिमेंशिया होने का खतरा रहता है।

अल्जाइमर रोग में लक्षणों को कम करने और इसकी जटिलताओं से बचे रहने के लिए कुछ दवाओं को प्रयोग में लाया जाता है। इस मस्तिष्क विकार के इलाज में अब भारतीय वैज्ञानिकों को बड़ी कामयाबी मिली है।

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अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया का खतरा - फोटो : freepik.com

वैज्ञानिकों ने विकसित किए नए मॉलिक्यूल

पुणे स्थित आघारकर अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने अल्जाइमर रोग के उपचार के लिए नए मॉलिक्यूल विकसित किए हैं। दो वैज्ञानिक प्रसाद कुलकर्णी और विनोद उगले ने सिंथेटिक, कम्प्यूटेशनल और इन-विट्रो अध्ययनों के माध्यम से नए अणुओं को डिजाइन और संश्लेषित किया। विशेषज्ञों का कहना है कि ये मॉलिक्यूल नॉन टॉक्सिक हैं और रोग के उपचार में प्रभावी हो सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने पाया है कि ये अणु कोलिनेस्टरेज एंजाइमों के विरुद्ध प्रभावी हैं। इनका उपयोद करके दवाएं तैयार की जा सकती हैं जो मस्तिष्क की इस बीमारी को प्रभावी रूप से ठीक करने में सहायक हो सकती है।

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अल्जाइमर रोग की रोकथाम - फोटो : Freepik.com

अल्जाइमर रोग के उपचार में महत्वपूर्ण है ये खोज

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज अल्जाइमर रोग के उपचार में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अगर इसके परिणाम बेहतर रहते हैं तो भविष्य में इस गंभीर न्यरोलॉजिकल समस्या के इलाज में काफी आसानी हो सकती है।

अल्जाइमर रोग मस्तिष्क में संचार की प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ी के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप सीखने और याददाश्त में कमी आती है। इसके साथ ही व्यक्ति के व्यवहार में भी बदलाव आने लगता है।

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अल्जाइमर की रोकथाम - फोटो : Freepik.com

अल्जाइमर का इलाज

अल्जाइमर रोग के लिए अब तक उपचार में ऐसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता रहा है जो लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं। ये दवाएं स्मृति कम होने से संबंधित लक्षणों और अन्य संज्ञानात्मक परिवर्तनों में सुधार करने में मदद करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस नई खोज से उपचार की प्रक्रिया को और भी आसान बनाया जा सकेगा। क्वालिटी ऑफ लाइफ को सुधारने में ये मददगार साबित हो सकती है।

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मस्तिष्क की समस्याएं - फोटो : Adobe stock

लाइफस्टाइल को ठीक रखना भी जरूरी

अल्जाइमर रोग के इलाज को लेकर इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में किए गए एक अन्य अध्ययन में रोगियों में आहार, व्यायाम और अन्य जीवनशैली में बदलावों पर जोर दिया गया। शोधकर्ताओं ने पाया खराब दिनचर्या वालों की तुलना में नियमित व्यायाम करने और सामाजिक रूप से जुड़े रहने से इस बीमारी का खतरा कम हो सकता है। सामाजिक कार्यक्रमों में जाना, पढ़ना, नृत्य करना, गेम खेलना, कोई वाद्य बजाना और अन्य गतिविधियां आपमें इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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