कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी के चलते कई गंभीर रोगियों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं, बहुत से लोगों में लक्षण होने के बावजूद उनका टेस्ट नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी गंभीर मानते हैं, क्योंकि ऐसे में संक्रमण बढ़ने का खतरा अधिक हो जाता है। आरटी-पीसीआर और सीटी स्कैन के अलावा कुछ अन्य परीक्षणों की मदद से भी आप कोविड की जांच करा सकते हैं। आइए इस लेख में ऐसे ही एक परीक्षण के बारे में जानते हैं।
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नहीं हो पा रहा है आरटी-पीसीआर टेस्ट, ऐसे भी जान सकते हैं आप कोरोना संक्रमित हैं या नहीं?
Thu, 20 May 2021 01:25 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Thu, 20 May 2021 01:25 PM IST
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कोरोना की जांच के तरीके
- फोटो : Pixabay
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सीआरपी टेस्ट भी करा सकते हैं कोरोना की जांच
- फोटो : Social media
सीआरपी टेस्ट से जानें संक्रमित हैं या नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की जांच के लिए आरटी-पीसीआर और सीटी स्कैन के अलावा आप सीआरपी टेस्ट भी करा सकते हैं। सीआरपी का मतलब सी-रिएक्टिव प्रोटीन होता है। इस परीक्षण के माध्यम से शरीर में सूजन या संक्रमण की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है। सी-रिएक्टिव प्रोटीन लीवर द्वारा रक्त निर्मित होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की जांच के लिए आरटी-पीसीआर और सीटी स्कैन के अलावा आप सीआरपी टेस्ट भी करा सकते हैं। सीआरपी का मतलब सी-रिएक्टिव प्रोटीन होता है। इस परीक्षण के माध्यम से शरीर में सूजन या संक्रमण की उपस्थिति का पता लगाया जा सकता है। सी-रिएक्टिव प्रोटीन लीवर द्वारा रक्त निर्मित होता है।
सीआरपी के लिए ब्लड का सैंपल लिया जाता है
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कैसे किया जाता है सीआरपी टेस्ट
शरीर में सीआरपी के स्तर को मापने के लिए ब्लड का सैंपल लिया जाता है। इस प्रक्रिया में आमतौर पर एक मिनट से भी कम समय लगता है। सीआरपी की उच्च मात्रा शरीर में संक्रमण की ओर इंगित करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कोविड संक्रमण से पीड़ित अधिकांश लोगों में सीअरपी का बढ़ा हुआ स्तर देखा गया है। यही कारण है कि कोरोना संक्रमण की पुष्टि करने के लिए इस टेस्ट को कारगर माना जा रहा है।
शरीर में सीआरपी के स्तर को मापने के लिए ब्लड का सैंपल लिया जाता है। इस प्रक्रिया में आमतौर पर एक मिनट से भी कम समय लगता है। सीआरपी की उच्च मात्रा शरीर में संक्रमण की ओर इंगित करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि कोविड संक्रमण से पीड़ित अधिकांश लोगों में सीअरपी का बढ़ा हुआ स्तर देखा गया है। यही कारण है कि कोरोना संक्रमण की पुष्टि करने के लिए इस टेस्ट को कारगर माना जा रहा है।
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सीआरपी जांच से भी कर सकते हैं कोरोना का पता
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कोविड संक्रमितों में क्यों बढ़ जाता है सीअरपी का स्तर?
विशेषज्ञ बताते हैं कि इंफ्लामेटरी साइटोकिन्स के अत्यधिक उत्पादन के कारण रक्त में सीआरपी स्तर का स्तर बढ़ सकता है। सामान्यतौर पर साइटोकिन्स रोगजनकों से मुकाबला करते हैं, लेकिन जब इनका सिस्टम अति सक्रिय मोड में आ जाता है तो यह फेफड़ों के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सीआरपी का सामान्य स्तर 30-50 मिलीग्राम/ लीटर माना जाता है। इससे अधिक की मात्रा संक्रमण का संकेत हो सकती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि इंफ्लामेटरी साइटोकिन्स के अत्यधिक उत्पादन के कारण रक्त में सीआरपी स्तर का स्तर बढ़ सकता है। सामान्यतौर पर साइटोकिन्स रोगजनकों से मुकाबला करते हैं, लेकिन जब इनका सिस्टम अति सक्रिय मोड में आ जाता है तो यह फेफड़ों के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सीआरपी का सामान्य स्तर 30-50 मिलीग्राम/ लीटर माना जाता है। इससे अधिक की मात्रा संक्रमण का संकेत हो सकती है।
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लक्षणों को ध्यान में रखना जरूरी
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क्या सभी के लिए सीआरपी टेस्ट जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार हल्के से मध्यम स्तर के लक्षण वाले रोगियों के लिए सीआरपी टेस्ट आवश्यक नहीं है। हालांकि यदि रोगी को गंभीर समस्याओं का अनुभव हो रहा हो तो सीआरपी टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। यदि व्यक्ति में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है पर सीआरपी स्तर 70 मिलीग्राम/ लीटर से अधिक है, तो भी यह समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसमें रोगी को तत्काल डॉक्टरी सहायता की आवश्यकता होती है।
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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स में एमडी लैब मेडिसिन, डॉ राजीव रंजन के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विशेषज्ञों के अनुसार हल्के से मध्यम स्तर के लक्षण वाले रोगियों के लिए सीआरपी टेस्ट आवश्यक नहीं है। हालांकि यदि रोगी को गंभीर समस्याओं का अनुभव हो रहा हो तो सीआरपी टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। यदि व्यक्ति में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है पर सीआरपी स्तर 70 मिलीग्राम/ लीटर से अधिक है, तो भी यह समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसमें रोगी को तत्काल डॉक्टरी सहायता की आवश्यकता होती है।
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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स में एमडी लैब मेडिसिन, डॉ राजीव रंजन के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
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