तकनीकी विकास, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से स्वास्थ्य क्षेत्र में भी क्रांति आने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कई दुर्लभ और जटिल बीमारियों का उपचार बेहतर तरीके से करने में मदद मिल सकेगी। इसी से संबंधित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि एक नए एआई टूल की मदद से ब्रेन ट्यूमर के मामलों का इलाज जल्दी और अधिक प्रभाविकता के साथ किया जा सकेगा।
AI & Health: ब्रेन ट्यूमर के निदान-इलाज में मदद करेगी एआई, वैज्ञानिक बोले- ये मेडिकल क्षेत्र के लिए उपहार जैसा
एआई की मदद से ब्रेन ट्यूमर का उपचार
दुनियाभर में न्यूरोसाइंस के तमाम शोधकर्ता दशकों से कैंसर रोगियों में सबसे आम ब्रेन ट्यूमर- ग्लियोमास को समझने के लिए प्रयास कर रहे थे। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर कुन-ह्सिंग यू और उनकी टीम ने शोध के दौरान पाया कि मशीन लर्निंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से ग्लियोमा की समस्या का समय पर निदान और बेहतर उपचार करने में मदद मिल सकती है।
प्रोफेसर यू कहते हैं, विभिन्न प्रकार के ग्लियोमा के लिए अलग-अलग प्रकार की सर्जरी की आवश्यकता होती है। एआई की मदद से यह काफी आसान हो सकता है।
जल्द और प्रभावी उपचार में मिलेगी मदद
न्यूरोसर्जन विभाग के शोधकर्ता कहते हैं, आसपास के मस्तिष्क के ऊतकों को नुकसान पहुंचाए बिना ग्लियोमा को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए हमें कई प्रकार की रियल टाइम जानकारियों की जरूरत होती है। और ये तब तक सही तरीके से नहीं किया जा सकता जब तक कि मरीज ऑपरेटिंग टेबल पर न हो।
यू ने कहा कि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की मदद से आमतौर पर ब्रेन टिशू सैंपल का विश्लेषण 10 से 15 मिनट के भीतर पूरा किया जा सकता है। यह सर्जरी के साथ-साथ भी हो सकता है। इसकी मदद से न सिर्फ सर्जरी की प्रक्रिया आसान होगी साथ ही हम अधिक प्रभाविकता के साथ इसे सफतापूर्वक कर सकेंगे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन डॉ डैन काहिल कहते हैं, नए मशीन लर्निंग टूल की सटीकता ग्लियोमा की संरचना का विश्लेषण करने की पारंपरिक तकनीकों की तुलना में अधिक प्रभावशाली मानी जा रही है जो निश्चित रूप से काफी बेहतर है। हर रोगी के लिए सर्जरी अलग तरह की होती है। मशीन लर्निंग यह भी बता सकती है कि ब्रेन कैंसर के इलाज में किसी रोगी के लिए क्या अलग आवश्यकताएं हैं।
यू और अध्ययन के सह-लेखकों का मानना है कि यह तकनीकी ऑपरेटिंग रूम में यह समझने में भी मदद करेगी कि ट्यूमर कितना खतरनाक है, जिसकी मदद से हम साथ ही साथ अन्य कोशिकाओं को सुरक्षित करने के भी उपाय कर सकेंगे।
तकनीकी और मेडिकल क्षेत्र
प्रोफेसर यू का कहना है कि इस तकनीकी के इस्तेमाल में अभी समय है। इसे कई स्तरों पर मान्यता भी प्राप्त करना है। लेकिन यह भविष्य में मेडिकल की दुनिया के लिए बड़ा उपहार जरूर हो सकती है। तकनीकी और मेडिकल क्षेत्र का एक साथ विकास कई गंभीर रोगों के इलाज के लिए बहुत जरूरी है।
गौरतलब है कि इसी साल की शुरुआत में, लंदन में चिकित्सा शोधकर्ताओं की एक टीम ने एक एआई उपकरण विकसित किया था जो यह पहचान सकता है कि सीटी स्कैन में दिखी कोई असामान्य वृद्धि कैंसर कारक है या नहीं। जबकि इसके लिए अब तक अलग से लंबे परीक्षण की आवश्यकता होती रही है।
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स्रोत और संदर्भ
Artificial Intelligence Expedites Brain Tumor Diagnosis during Surgery
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