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लड़कियां पीरियड्स में न करें इन चीजों का सेवन, हो सकता है जान का खतरा

Wed, 23 Jan 2019 02:03 PM IST
कशिश मिश्रा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: कशिश मिश्रा Updated Wed, 23 Jan 2019 02:03 PM IST
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after  menopausal  more risk of heart attack
आपको जानकर हैरानी होगी कि हर तीन में से एक उम्रदराज महिला को दिल से जुड़ी कोई न कोई बीमारी होती है - फोटो : social media
मेनोपॉज से गुजरने वाली हर तीन में से एक उम्रदराज महिला को दिल से जुड़ी कोई न कोई बीमारी होती है। उन्हें खासतौर पर दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम ज्यादा उठाना पड़ता है। एक रिसर्च में बताया गया है कि महिलाओं में मेनोपॉज के 10 साल बाद हार्ट अटैक के मामले में बढ़ोतरी देखी गई है।

 
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दरअसल महिलाओं के शरीर का मुख्य हार्मोन एस्ट्रोजन होता है - फोटो : social media

महिलाओं के शरीर का मुख्य हार्मोन एस्ट्रोजन होता है और मेनोपॉज के वक्त महिलाओं के अंदर इस हार्मोन की कमी हो जाती है। इससे दिल के पास ज्यादा वसा जम जाती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।रिसर्च का कहना है कि यह समस्या उन महिलाओं में ज्यादा होती है जो शराब, मांस या सिगरेट का सेवन अधिक मात्रा में करती हैं।


 

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कुछ महिलाओं को मेनोपोज या रजोनिवृति के दौरान अपने दिल की धड़कन बढ़ने का अहसास होता है, - फोटो : social media

कई महिलाओं को मेनोपोज के दौरान दिल की धड़कन तेज होने का असहास होता है। अगर आप भी ऐसी ही किसी समस्या से गुजरे तो फौरन डॉक्टर से चेकअप करवाएं। आप इस तरह से मेनोपॉज के बाद खुद को फिट रख सकती हैं।


 
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सीने में दर्द, दबाव या असुविधा के अलावा महिलाओं में हार्टअटैक के संकेतों और लक्षणों में प्रमुख हैं- - फोटो : social media

हार्ट अटैक आने के लक्षणों में खास तौर गर्दन, कंधे, ऊपरी पीठ या पेट में जकड़न, सांस की तकलीफ, मतली या उल्टी, पसीना, हल्कापन या चक्कर आना और असामान्य थकान शामिल है। ऐसे किसी भी परेशानी को इग्नोर न करें।


 
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एस्ट्रोजन फैट को एकत्र करके उसे खर्च करता है लेकिन मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के कारण - फोटो : social media

मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर कम होने की वजह से महिलाओं का वजन बढ़ जाता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल की दिक्कत हो सकती है। डायबिटीज  की बीमारी भी हो सकती है। ऐसे में महिलाएं अपनी डाइड पर विशेष ध्यान दें। अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें।

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