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डायबिटीज, आधुनिक युग में सबसे तेजी से बढ़ती जानलेवा बीमारियों में से एक है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक साल 2021 में 20-79 आयु वर्ग के 74.2 मिलियन से ज्यादा लोग डायबिटीज के शिकार थे, वहीं साल 2045 तक यह आंकड़ा बढ़कर 124.8 मिलियन से अधिक होने की आशंका है। कोरोना का यह दौर भी डायबिटीज रोगियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। द न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट से पता चलता है कि अमेरिका में कोविड-19 से मरने वालों में से 30 से 40 फीसदी लोग डायबिटीज के शिकार थे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रोग के बढ़ते खतरे को देखते हुए नीति निर्माताओं को बीमारी की रोकथाम को लेकर विशेष पहल करने की आवश्यकता है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस 2022 के अवसर पर अमर उजाला से बातचीत में वरिष्ठ डायबिटोलॉजिस्ट डॉ वसीम गौहरी ने लोगों से व्यक्तिगत तौर पर इस बीमारी से बचाव के उपाय करते रहने की अपील की है। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी इस समस्या को कई गुना तक बढ़ा सकती है, ऐसे में इस तरफ विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आइए जानते हैं कि किन बातों को ध्यान में रखकर डायबिटीज के जोखिम से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है?
World Health Day: कोविड-19 से मरने वालों में 40% लोग डायबिटीज रोगी, जानिए इस खतरे से कैसे रहें सुरक्षित?
मोटापा बढ़ा देता है मधुमेह का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ के मुताबिक हर एक किलो अतिरिक्त वजन के साथ मधुमेह का जोखिम बढ़ जाता है। एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि व्यायाम और आहार में बदलाव के साथ वजन को 7 फीसदी तक कम करने से लोगों में मधुमेह के विकास का जोखिम लगभग 60 फीसदी तक कम हो गया। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के मुताबिक मधुमेह से बचाव के लिए प्रीडायबिटिक लोगों को वजन को नियंत्रित रखने पर ध्यान देना चाहिए।
- Ministry of Health & Family Welfare, Govt of India (@mohfw_india) 6 Apr 2022
प्लांट बेस्ड आहार का सेवन करें
पौधों पर आधारित आहार में विटामिन्स, खनिज और शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसमें डाइट्री फाइबर की भी मात्रा अधिक पाई जाती है जो ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल में रखने के साथ पाचन के लिए बेहतर मानी जाती है। मधुमेह वाले लोगों को प्लांट बेस्ड आहार के सेवन पर ध्यान देना चाहिए। फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ वजन घटाने के साथ मधुमेह की जटिलताओं को कम करने में आपकी मदद करते हैं।
सेडेंटरी लाइफस्टाइल है हानिकारक
मधुमेह को जोखिम से बचाव के लिए सेडेंटरी लाइफस्टाइल से दूरी बनाकर रखना आपके लिए बहुत आवश्यक है। इसके लिए एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधियों में कमी जैसी आदतों से तुरंत दूरी बना लें। अध्ययनों से पता चलता है कि गतिहीन जीवनशैली टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा देती है।
6,000 से अधिक महिलाओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों के रोजाना का 10 से अधिक घंटे का समय बैठे या लेटे हुए निकल जाता है, उनमें मधुमेह विकसित होने की आशंका अन्य लोगों की तुलना में दोगुनी से अधिक होती है।
धूम्रपान है आपका दुश्मन
धूम्रपान सिर्फ हृदय और फेफड़े के रोगों का ही नहीं, बल्कि डायबिटीज के खतरे को भी बढ़ा देता है। शोध से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा अधिक होता है। धूम्रपान इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा देता है जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना कठिन हो सकता है। मधुमेह के साथ कई अन्य जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए भी धूम्रपान की आदत को तुरंत छोड़ दें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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